कोट्टायम (केरल), 29 जून (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता वी. एन. वासवन ने सोमवार को आरोप लगाया कि केरल सरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर काम कर रही है और उन्होंने इसे ‘वीडी-ईडी-मोदी गठजोड़’ करार दिया।
कोट्टायम में संवाददाताओं के साथ बातचीत में वासवन ने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ऐसे काम कर रही है जैसे कि वह भाजपा की ‘‘आज्ञाकारी सेवक’’ हो।
उन्होंने दावा किया कि हाल के घटनाक्रम इस बात का संकेत हैं कि यूडीएफ सरकार लगातार भाजपा के साथ मिलकर काम रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार बदलने के बाद अब ‘वीडी-ईडी-मोदी गठजोड़’ बन गया है। हर मामले में यूडीएफ सरकार भाजपा की आज्ञाकारी सेवक बनती जा रही है।’’
उन्होंने मुख्यमंत्री वी डी सतीशन, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संदर्भ में यह बात कही।
वासवन ने आरोप लगाया कि केरल सरकार राज्य के अधिकारों और स्वायत्तता को धीरे-धीरे केंद्र के हवाले कर रही है।
माकपा नेता ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रम की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राज्यपाल का विश्वविद्यालयों के कामकाज में हस्तक्षेप ने संघ परिवार के हितों को आगे बढ़ाने का मौका दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘एमजी विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों में लोकतांत्रिक अधिकारों में कटौती की जा रही है। छात्र संगठनों को पोस्टर और प्रचार बोर्ड लगाने तक से रोका जा रहा है। सरकार विश्वविद्यालयों में संघ परिवार की इच्छा के अनुरूप फैसले लागू कर रही है।’’
वासवन ने यह भी आरोप लगाया कि कुलपतियों की नियुक्ति और विश्वविद्यालय प्रशासन में राज्यपाल का हस्तक्षेप वैचारिक हस्तक्षेप का उदाहरण है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों पर बोर्ड लगाए जाने के विवाद का उल्लेख करते हुए वासवन ने आरोप लगाया कि यह कदम लाभार्थियों का अपमान है।
माकपा नेता ने कहा, ‘‘गरीब लोगों का अपमान किया जा रहा है। केरल ने बिना किसी राजनीतिक नेता की तस्वीर लगाए और पर्याप्त धन उपलब्ध कराकर आवास योजना को सफलतापूर्वक लागू किया था। लेकिन अब केंद्र के दबाव में प्रधानमंत्री की तस्वीरें लगाई जा रही हैं और इस योजना को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाया जा रहा है।’’
उन्होंने इसे गरीबों के लिए अपमानजनक बताते हुए कहा कि सरकार आवास योजना के लाभार्थियों को राजनीतिक प्रतीकों से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए मैं यूडीएफ सरकार को ‘आज्ञाकारी सेवक’ कह रहा हूं। राज्य के हितों की रक्षा करने के बजाय यह सरकार लगातार केंद्र के समक्ष झुकती जा रही है।’’
भाषा शोभना सुभाष
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