नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम ए बेबी ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की शनिवार को निंदा की।
बेबी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के कथित प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबा रही है।
बेबी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कथित प्रश्नपत्र लीक के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए सरकार की तीखी आलोचना की।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा करता हूं। शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करने और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को बर्बाद कर रही व्यवस्था को खत्म करने के बजाय सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरत रही है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री की नाक के नीचे प्रश्नपत्र लीक हुआ।
माकपा नेता कहा, ‘‘यह मोदी सरकार के तानाशाहीपूर्ण रवैये को दर्शाता है। असहमति की आवाज को दबाना जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकता।’’
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को उनके अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने कहा कि चिकित्सकीय सलाह और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप यह कदम उठाया गया है।
वांगचुक नीट में कथित अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़े विद्यार्थियों की मौतों के मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
बहरहाल, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के सदस्य नेहा, आमीन और मनीष ने आंदोलन के 21वें दिन भी प्रदर्शन स्थल पर अपनी भूख हड़ताल जारी रखी।
भाषा
खारी वैभव
वैभव