नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) दलाई लामा की एक नयी जीवनी उनके जीवन के अहम पलों की फिर से याद दिलाती है और तिब्बत में उनके शुरुआती दिनों से लेकर दुनिया के सबसे सम्मानित आध्यात्मिक नेताओं में से एक बनने तक के उनकी यात्रा का वर्णन करती है।
दलाई लामा के 91वें जन्मदिन (छह जुलाई) से पहले, वेस्टलैंड बुक्स ने अरविंद यादव की किताब ‘इटर्नल लाइट: द लाइफ एंड लिगेसी ऑफ द फोर्टिंथ दलाई लामा’ के प्रकाशन की घोषणा की।
तीस जुलाई को जारी होने वाली यह पुस्तक उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का भी वर्णन करती है (मठ में अध्ययन की शांत दुनिया से लेकर वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल तक) तथा प्रासंगिक ऐतिहासिक घटनाओं पर नयी रोशनी डालती है।
यह पुस्तक निर्वासन में तिब्बती समुदाय के अपनी संस्कृति, पहचान और आस्था को संरक्षित रखने के प्रयासों की पड़ताल करती है, साथ ही उन घटनाओं को व्यापक ऐतिहासिक संदर्भ प्रदान करती है जो आज भी तिब्बत के विमर्श को आकार देती हैं।
किताब के बारे में दलाई लामा ने कहा कि इससे पाठकों को तिब्बती इतिहास और तिब्बती लोगों के सामने आ रही चुनौतियों के बारे में जानकारी मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे जरूरी बात यह है कि यह उस संदेश को आगे बढ़ाती है जिसे मैंने हमेशा फैलाना चाहा है – प्रेम, करुणा, सहनशीलता, क्षमा, दया और मानवता की एकता का संदेश।’’
यादव के अनुसार, यह किताब दलाई लामा के जीवन से जुड़ी कई ऐसी बातें सामने लाती है जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं।
भाषा
शुभम नेत्रपाल
नेत्रपाल