शिमला, चार जुलाई (भाषा) हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शनिवार को कहा कि समाज में मादक पदार्थ की समस्या पर अंकुश के लिए सख्त कानून लागू करने के साथ-साथ बच्चों को नैतिक मूल्यों पर आधारित परवरिश देना बेहद जरूरी है।
शिमला में ‘दिव्य ज्योति जागृति संस्थान’ द्वारा आयोजित शिव-शक्ति महाकथा और शिव विवाह महोत्सव में भाग लेने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने युवाओं में मादक पदार्थों के बढ़ते सेवन पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों के साथ सार्थक समय व्यतीत करने, उनसे खुलकर बातचीत करने और उन्हें भारत की सांस्कृतिक विरासत तथा आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने का आग्रह किया।
राज्यपाल ने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के प्राचीन दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि ये आदर्श मानवता को शांति और सह-अस्तित्व की ओर ले जाते हैं।
गुप्ता ने संयुक्त परिवारों से एकल परिवारों की ओर बढ़ते चलन का जिक्र करते हुए कहा कि इस सामाजिक बदलाव से पारिवारिक मूल्य, भावनात्मक संबंध और घरों के भीतर आपसी बातचीत कमजोर नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने समाज से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारत के सांस्कृतिक लोकाचार, पारिवारिक परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जाए।
भाषा
प्रचेता पवनेश
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