Cyber Crime News : दोस्ती, न्यूड फोटो और फिर मौत की धमकी! इंटरनेट की काली दुनिया का वो सच, जिसे जानकर हर माता-पिता की उड़ जाएगी नींद
एक वैश्विक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और डार्क वेब के जरिए बच्चों को निशाना बनाने वाले अपराधियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट में तकनीक के दुरुपयोग और बाल सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई गई है।
Cyber Crime News / Image Source : SCREENGRAB
- डार्क वेब पर बच्चों को निशाना बनाने के नए तरीके सामने आए
- वैश्विक सर्वे में हजारों अपराधियों ने चौंकाने वाली बातें स्वीकार कीं
- सरकारें ऑनलाइन सुरक्षा कानून सख्त करने की तैयारी में
नई दिल्ली : Cyber Crime News डिजिटल युग में जहाँ तकनीक वरदान है, वहीं अपराधियों ने इसे मासूम बच्चों के शोषण का सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। ‘प्रोटेक्ट चिल्ड्रन’ की एक वैश्विक रिपोर्ट ने डार्क वेब की उस काली दुनिया का राज खोला है, जिसने पूरी मानवता को झकझोर कर रख दिया है। ऑनलाइन शिकारी अब मासूम लड़कियों को अपना शिकार बनाने के लिए महज ‘दो-तीन क्लिक’ का इस्तेमाल कर रहे हैं, और सबसे डरावनी बात यह है कि इस जाल में 3 साल तक के बच्चे भी सुरक्षित नहीं हैं।
20,000 से अधिक अपराधियों ने स्वीकार की यह बात
रिपोर्ट के अनुसार, 20,000 से अधिक अपराधियों पर किए गए सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सर्वे में शामिल 10% अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे 3 साल या उससे छोटे शिशुओं की यौन शोषण सामग्री (CSAM) देखते हैं, जबकि 50% से अधिक 11-14 साल के बच्चों को निशाना बनाते हैं। अपराधियों का कहना है कि पहले ऐसी सामग्री खोजना नामुमकिन था, लेकिन अब टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग से यह बेहद आसान हो गया है।
12 साल की बच्ची की न्यूड तस्वीर
इस रिपोर्ट में लंदन की एक 12 साल की बच्ची की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी भी शामिल है। मैरी और डैन की बेटी ने जिसे अपना दोस्त समझा, वह असल में एक शिकारी निकला। dark web report उसने नग्न तस्वीरों के जरिए बच्ची को ब्लैकमेल किया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी। बच्ची की माँ मैरी ने रोते हुए कहा, “मैं उसकी माँ हूँ, मुझे उसकी रक्षा करनी थी, पर मैं नाकाम रही।” अब यह परिवार और कई सामाजिक संगठन सरकारों से मांग कर रहे हैं कि बच्चों की जिंदगी बर्बाद करने वाली टेक कंपनियों पर करोड़ों का जुर्माना लगाया जाए।
बाल यौन शोषण सामग्री बनाने वालों पर होगी कार्यवाही
इस गंभीर मुद्दे पर सरकारें अब सख्त रुख अपना रही हैं। सेफगार्डिंग मंत्री जेस फिलिप्स ने स्पष्ट किया है कि बाल यौन शोषण सामग्री बनाने, रखने या बढ़ावा देने वाले प्लेटफॉर्म्स और टूल्स का इस्तेमाल करने वालों को अब कड़ी जेल की सजा भुगतनी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि अभिभावकों की जागरूकता और टेक्नोलॉजी के दुरुपयोग पर लगाम लगाना सबसे ज्यादा जरूरी है।
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