Dearness Allowance Increase. Image Source- IBC24
नई दिल्ली: Dearness Allowance Increase केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बार फिर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की उम्मीद बढ़ गई है। भले ही मोदी सरकार 8वें वेतन आयोग की घोषणा कर चुकी है और इसके लागू होने में अभी समय लग सकता है, लेकिन उससे पहले 7वें वेतन आयोग के तहत डीए में एक और संशोधन संभव माना जा रहा है। विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार डीए में 3 से 5 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
डीए में संभावित वृद्धि का आकलन ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर किया जाता है, जिसे श्रम एवं रोजगार मंत्रालय जारी करता है। दिसंबर 2025 के AICPI-IW आंकड़ों का कर्मचारियों को बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर जनवरी 2026 से लागू होने वाले डीए की दर तय की जाएगी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार साल में दो बार डीए में संशोधन करती है—पहला जनवरी और दूसरा जुलाई में। अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन यदि फरवरी में डीए बढ़ोतरी की घोषणा होती है, तो कर्मचारियों को जनवरी से एरियर का लाभ भी मिल सकता है।
Dearness Allowance Increase केंद्र सरकार ने जुलाई 2025 में डीए को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया था। यदि आगामी संशोधन में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है तो डीए 61 प्रतिशत हो जाएगा, जबकि 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की स्थिति में यह 63 या 65 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। सूत्रों के अनुसार, इस बार 5 प्रतिशत तक इजाफे की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 10,000 रुपये है, तो मौजूदा 58 प्रतिशत डीए के हिसाब से उसे 5,800 रुपये मिलते हैं। डीए में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर यह राशि बढ़कर 6,300 रुपये हो जाएगी।
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के वेतन का अहम हिस्सा होता है। इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर से कर्मचारियों की क्रय शक्ति को संतुलित बनाए रखना है। डीए बढ़ते ही कर्मचारियों की कुल सैलरी में स्वतः इजाफा हो जाता है। इसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) पर भी पड़ता है, क्योंकि उस पर भी डीए लागू होता है। हालांकि, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर डीए का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। HRA में बदलाव केवल बेसिक सैलरी में संशोधन के साथ होता है, जो आमतौर पर नए वेतन आयोग के लागू होने पर ही संभव होता है। ऐसे में कर्मचारियों की नजरें अब 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट और आगामी डीए बढ़ोतरी दोनों पर टिकी हुई हैं।