दिल्ली में सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए उपायों की घोषणा

Ads

दिल्ली में सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए उपायों की घोषणा

  •  
  • Publish Date - July 1, 2026 / 10:01 PM IST,
    Updated On - July 1, 2026 / 10:01 PM IST

नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए हर वर्ष एक नवंबर से 28 फरवरी तक लागू होने वाली सालाना पाबंदियों की घोषणा की है।

दिल्ली गजट के अनुसार, दिल्ली में सभी पेट्रोल, डीजल और सीएनजी/एलपीजी खुदरा दुकानें पूरे साल सिर्फ वैध पीयूसीसी दिखाने पर ही ईंधन देंगे। बिना वैध प्रमाणपत्र के ईंधन लेते पाए जाने पर वाहनों पर जुर्माना लगाया जा सकता है; इसकी जांच फिजिकल सर्टिफिकेट, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) प्रणाली और ‘वाहन’ जैसे इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस के जरिए की जाएगी।

हर वर्ष एक नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत और बीएस-छह उत्सर्जन मानक से कम श्रेणी के मोटर वाहनों के दिल्ली में चलने पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, यह प्रतिबंध सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, पुलिस वाहन तथा पर्यावरण विभाग द्वारा विशेष रूप से छूट प्राप्त अन्य श्रेणियों पर लागू नहीं होगा।

बुधवार को जारी अधिसूचना में एक नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग जगहों पर पार्किंग शुल्क दोगुना करने का प्रावधान भी किया गया है, ताकि निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम किया जा सके। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के मालिकाना हक और प्रबंधन वाली पार्किंग सुविधाओं को छूट दी गई है।

यातायात का दबाव कम करने के लिए कार्यालयों के अलग-अलग समय और घर से काम करने की व्यवस्था भी लागू की गई है।

सर्दियों के दौरान, दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले कार्यालयों में सुबह 8:30 बजे से शाम पांच बजे तक काम होगा, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालयों में एक नवंबर से 28 फरवरी के बीच सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम होगा।

एक नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली सरकार और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी मौजूद नहीं रहेंगे, बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे। आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं (जैसे अस्पताल, सार्वजनिक यातायात, बिजली, पानी की आपूर्ति, साफ-सफाई, आपदा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण करने वाली एजेंसियों) को इससे छूट दी गई है।

अधिसूचना के अनुसार एक नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली विध्वंस और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। केवल आवश्यक सार्वजनिक अवसंरचना परियोजनाओं को अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और विध्वंस संबंधी सभी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, लेकिन इसमें ज़रूरी सरकारी परियोजनाओं और आपातकालीन कार्यों को छूट दी गई है।

इसी दौरान, रेत, पत्थर, ईंट, सीमेंट और मलबे जैसी निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी, सिवाय उन वाहनों के जो राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, जरूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, आपातकालीन कार्यों और अन्य छूट प्राप्त श्रेणियों से जुड़े हैं।

भाषा

शुभम नरेश

नरेश