नयी दिल्ली, 21 जनवरी (भाषा) एअर इंडिया को, साल 2023 में उसकी दिल्ली-न्यूयॉर्क उड़ान में टूटी हुई सीटें, गंदे वॉशरूम और खराब खानपान सेवा के साथ भयावह हालात का सामना करने का आरोप लगाने वाले एक पिता-पुत्री को ‘मानसिक यातना और उत्पीड़न’ के लिए 1.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।
एयरलाइन ने दावा किया था कि शिकायत करने वालों ने एअर इंडिया से ‘गलत तरीके से फायदा उठाने’ के लिए ‘बेबुनियाद आरोप’ लगाए थे।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (नई दिल्ली) शैलेंद्र भटनागर और उनकी बेटी की एअर इंडिया के खिलाफ दायर शिकायत पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि जिस विमान में उन्होंने यात्रा की, वह ‘बहुत खराब’ था। आयोग की पीठ में अध्यक्ष पूनम चौधरी और न्यायिक सदस्य शेखर चंद्र शामिल रहे।
फोरम ने 14 जनवरी के आदेश में कहा, ‘‘मौजूदा मामले के तथ्यों और हालात को ध्यान में रखते हुए, यह आयोग इस बात पर सहमत है कि शिकायती पक्ष दूसरी पार्टी 1, एअर इंडिया द्वारा काफी पैसे लेने के बावजूद सुविधाएं नहीं देने के कारण पहुंची मानसिक यातना और उत्पीड़न के लिए मुआवजे का हकदार होगा।’’
शिकायत शैलेंद्र भटनागर ने दर्ज कराई थी, जिन्होंने सितंबर 2023 में एअर इंडिया की दिल्ली-न्यूयॉर्क-दिल्ली उड़ान में अपनी बेटी के साथ एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बुक इकॉनमी क्लास के टिकट पर यात्रा की थी।
शिकायत में टूटी हुई सीटें, विमान में मनोरंजन प्रणाली के काम नहीं करने, गंदे शौचालय, खराब खानपान सेवा और चालक दल की तरफ से ठीक से जवाब नहीं मिलने का आरोप लगाया गया था।
आयोग ने विमानन कंपनी को पीड़ित को 1.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया।
फोरम ने कहा, ‘‘आयोग दूसरे पक्ष 1 को निर्देश देता है कि शिकायत करने वाले और उनकी बेटी को मुआवजे के तौर पर 50-50 हजार रुपये और मुकदमे के खर्च के तौर पर 50,000 रुपये दिये जाएं।’’
भाषा वैभव मनीषा
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