दिल्ली की अदालत ने बृजभूषण के बरी होने के खिलाफ महिला पहलवानों की अपील पर सुनवाई टाली
दिल्ली की अदालत ने बृजभूषण के बरी होने के खिलाफ महिला पहलवानों की अपील पर सुनवाई टाली
नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी करने के मजिस्ट्रेट अदालत के फैसले के खिलाफ चार महिला पहलवानों की ओर से दायर अपील पर सुनवाई टाल दी।
शुक्रवार को दायर इस आपराधिक अपील में डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को आपराधिक धमकी के आरोप से बरी किए जाने को भी चुनौती दी गई है।
विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह की अदालत के कर्मचारियों ने शनिवार को बताया कि न्यायाधीश न्यायिक प्रशिक्षण के लिए अवकाश पर हैं और मामले पर सोमवार को सुनवाई की जाएगी।
इस साल तीन अगस्त को मजिस्ट्रेट अदालत ने विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट समेत छह महिला पहलवानों की ओर से दर्ज कराए गए यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व भाजपा सांसद और डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
अदालत ने तोमर को भी बरी कर दिया था।
याचिका के अनुसार, बरी करने का फैसला कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं है। यह रिकॉर्ड पर मौजूद सबूतों के ‘‘स्पष्ट रूप से त्रुटिपूर्ण और चुनिंदा पहलुओं’’ पर आधारित था, अटकलों एवं अनुमानों पर टिका था तथा कानून के बाध्यकारी और स्थापित सिद्धांतों को लागू करने में विफल रहा।
भाषा शफीक सुरेश
सुरेश

Facebook


