वीरमणि पॉक्सो मामला ‘रफा-दफा’ करने की कोशिश की गई: तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार

वीरमणि पॉक्सो मामला ‘रफा-दफा’ करने की कोशिश की गई: तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार

वीरमणि पॉक्सो मामला ‘रफा-दफा’ करने की कोशिश की गई: तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार
Modified Date: September 26, 2026 / 04:04 pm IST
Published Date: September 26, 2026 4:04 pm IST

मदुरै (तमिलनाडु), 26 सितंबर (भाषा) तमिलनाडु के कानून मंत्री आर. निर्मल कुमार ने शनिवार को आरोप लगाया कि जेम ग्रेनाइट्स के अध्यक्ष आर. वीरमणि से जुड़े पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) मामले को ‘‘रफा-दफा’’ करने की कोशिश की गई और पूर्ववर्ती द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सरकार ने आरोपी को बचाया।

कुमार ने कहा कि पुलिस को मामले की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और कथित तौर पर बड़ी रकम के लेन-देन के जरिये मामला ‘‘रफा-दफा’’ करने की कोशिश हुई।

द्रमुक पहले ही कह चुकी है कि इस मामले में उसका 84-वर्षीय वीरमणि से कोई संबंध नहीं है।

निर्मल कुमार ने यहां पत्रकारों से कहा कि वीरमणि के खिलाफ कार्रवाई पर द्रमुक ‘‘जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया’’ दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी पॉक्सो मामले में ग्रेनाइट कारोबारी को जानबूझकर बचा रही है।

उन्होंने दावा किया कि उद्योगपति के खिलाफ 2024 में की गई शुरुआती शिकायत को पूर्ववर्ती प्रशासन ने सुनियोजित तरीके से दबा दिया और ‘‘पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने’’ का हवाला देकर मामले को बंद करने की रिपोर्ट दाखिल कर दी गई।

मंत्री ने सवाल किया कि ऐसा कैसे संभव है कि राजधानी में एक नाबालिग के यौन शोषण के मामले को बड़ी रकम के लेन-देन के जरिये कथित तौर पर रफा-दफा करने की कोशिश की जाए और राज्य की खुफिया एजेंसियों को इसकी जानकारी नहीं हो।

निर्मल कुमार ने कहा, ‘‘गृह विभाग और खुफिया अधिकारियों की जानकारी के बिना जबरन वसूली और अदालत से बाहर मामला निपटाने की इतनी बड़ी कोशिश होना संभव नहीं है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि कथित आर्थिक समझौते होने के बाद आरोपी को बचाने के लिए मामले को समय से पहले बंद कर दिया गया।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की प्रत्यक्ष निगरानी में मामले की पारदर्शी तरीके से जांच की जाएगी और मामले को दबाने, जबरन वसूली या साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

निर्मल कुमार ने कहा, ‘‘इस जांच में पूरी निष्पक्षता बरती जाएगी। आरोपी को बचाने की कोशिश करने, जबरन वसूली से लाभ उठाने या साक्ष्य दबाने में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’

राज्य सरकार ने वीरमणि के खिलाफ पॉक्सो मामले और उससे जुड़े अन्य मामलों की जांच के लिए चार-सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की है, जिसकी चारों सदस्य महिलाएं हैं। इसमें वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी शामिल हैं और यह टीम चेन्नई पुलिस आयुक्त की निगरानी में काम करेगी।

चेन्नई की विशेष पॉक्सो अदालत ने वीरमणि की न्यायिक हिरासत की अवधि नौ अक्टूबर तक बढ़ा दी है। उसे 29 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उसकी हिरासत की पिछली अवधि शुक्रवार को समाप्त हुई थी।

भाषा सिम्मी सुरेश

सुरेश


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