पार्टी नेताओं को ‘नजरबंद’ किया गया : ममता बनर्जी

पार्टी नेताओं को ‘नजरबंद’ किया गया : ममता बनर्जी

पार्टी नेताओं को ‘नजरबंद’ किया गया : ममता बनर्जी
Modified Date: September 26, 2026 / 03:54 pm IST
Published Date: September 26, 2026 3:54 pm IST

कोलकाता, 26 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के गुट के नेताओं को “नजरबंद” रखा गया है और सेरामपुर में एक रैली में शामिल होने से रोका गया है।

ममता का दावा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले मार्ग पर कब्जा कर लिया।

‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ की प्रमुख बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें रैली के लिए जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी और उन्होंने पुलिस तथा भाजपा सरकार पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रहे “हमलों पर आंखें मूंद लेने” का आरोप लगाया।

बनर्जी ने रैली स्थल के लिये रवाना होने से पहला, “हमें नजरबंद करके रखा गया है। मुझे रैली वाली जगह पर जाने की इजाजत नहीं है। लेकिन मैं जाऊंगी और रैली को संबोधित करूंगी। मुझे रोक सकें तो रोककर दिखाएं।”

सेरामपुर जा रहे ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नेताओं पर हुए कथित हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा के गुंडों ने रैली स्थल तक जाने वाले रास्ते पर कब्जा कर लिया है। वहां कोई पुलिसकर्मी नहीं है।”

हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि रैली आयोजित की जाएगी क्योंकि अदालत ने इसकी अनुमति दे दी है।

उन्होंने कहा, “रैली अदालत की अनुमति से आयोजित की जा रही है। इसके सुचारू संचालन को सुनिश्चित करना पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है। लेकिन पुलिस ने इस पर आंखें मूंद ली हैं”।

बनर्जी ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं “अत्याचार” के बराबर हैं और सवाल उठाया कि प्रशासन ऐसी स्थिति क्यों बनने दे रहा है।

उन्होंने कहा, “इस तरह के अत्याचार अफ्रीकी देशों में देखने को मिलते हैं। ऐसे अत्याचार तो भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और बिहार में भी नहीं हो रहे हैं। फिर सत्ताधारी भाजपा ने सड़कों पर इतना आतंक क्यों फैला रखा है?”

उनका यह बयान उन आरोपों के बीच आया है, जिनमें कहा गया है कि सेरामपुर रैली स्थल जाते समय पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हुगली जिले के उत्तरपाड़ा इलाके में सेरामपुर में एक बैठक में शामिल होने जा रहे ममता गुट के विधायक कुणाल घोष की कार को कथित तौर पर काले झंडे लिए लोगों के एक समूह ने घेर लिया।

पार्टी का दावा है कि इस समूह ने कथित तौर पर नारेबाजी की और घोष की गाड़ी पर अंडे और पत्थर फेंके।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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