दिल्ली की अदालत ने शादी के वादे से जुड़े मामले में व्यक्ति को आरोपमुक्त किया

दिल्ली की अदालत ने शादी के वादे से जुड़े मामले में व्यक्ति को आरोपमुक्त किया

दिल्ली की अदालत ने शादी के वादे से जुड़े मामले में व्यक्ति को आरोपमुक्त किया
Modified Date: July 30, 2026 / 09:17 pm IST
Published Date: July 30, 2026 9:17 pm IST

नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को एक महिला से शादी का झूठा वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप से मुक्त कर दिया है।

अदालत ने कहा कि अपराध के आवश्यक कारक साबित नहीं हुए और अभियोजन पक्ष उसके खिलाफ गंभीर संदेह पैदा करने में विफल रहा।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रेया अरोड़ा मेहता उस मामले की सुनवाई कर रही थीं, जो बुराड़ी पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। यह मामला धोखे से यौन संबंध बनाने और समन किये जाने के बावजूद अदालत में पेश नहीं होने से संबंधित कानूनी धाराओं के तहत दर्ज किया गया था।

आरोपी की ओर से अधिवक्ता अभिमन्यु कुमार ने पैरवी की। उन्होंने दलील दी कि अभियोजन पक्ष का अपना रिकॉर्ड ही कथित अपराध के आवश्यक कानूनी कारकों को लेकर विरोधाभासी और आरोपों को कमजोर करने वाला है।

अदालत ने 29 जुलाई के आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता महिला ने शादी के कथित वादे और शारीरिक संबंध के समय को लेकर तीन अलग-अलग बयान दिये, जो आपस में मेल नहीं खाते ।

अदालत ने कहा कि प्राथमिकी के अनुसार महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने से पहले उससे शादी करने का वादा किया था। हालांकि, मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए अपने बयान में उसने कहा कि शादी का वादा शारीरिक संबंध बनने के बाद और उसके द्वारा शिकायत दर्ज कराने की धमकी देने के बाद किया गया था।

इसने कहा, ‘‘शादी के किसी झूठे वादे के संबंध में कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। साझा मित्र और होटल प्रबंधक के बयानों से भी अभियोजन पक्ष के दावे का समर्थन नहीं होता है। शिकायतकर्ता महिला की मां से पूछताछ नहीं की गई है।’’

अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता महिला बालिग, शिक्षित और कानून की छात्रा थी तथा उसने लंबे समय तक अपनी इच्छा से यह संबंध जारी रखा।

अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई आगे जारी रखना कानून की प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा।

भाषा

देवेंद्र प्रशांत

प्रशांत


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