नयी दिल्ली, 20 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंड़ाफोड़ करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक व्यक्ति से 24 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
आरोपियों में बीटेक, एमबीए और साइबर सुरक्षा में डिप्लोमा जैसी शैक्षणिक योग्यता रखने वाले व्यक्ति शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि वे कथित तौर पर ‘म्यूल’ (कमीशन पर मिलने वाले) बैंक खाते संचालित करते थे और धोखाधड़ी के माध्यम से प्राप्त धन को विदेश में बैठे साइबर जालसाजों तक पहुंचाते थे, और इनका संबंध कंबोडिया में मौजूद कुछ लोगों से भी था।
आरोपियों की पहचान पंजाब के मोहाली निवासी हरमनजोत सिंह और कैसर मसूदी, हरियाणा के पानीपत निवासी अभिषेक, दिल्ली के जाफराबाद निवासी मोहम्मद जाहिद और आमिर मलिक, मध्यप्रदेश के जबलपुर निवासी अमरजीत अहिरवार और आलोक शर्मा तथा मध्यप्रदेश के रीवा निवासी अनंत पांडे के रूप में हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि पांडे व्हाट्सऐप के माध्यम से विदेशी आकाओं के साथ सीधे संपर्क में था और भारत में ‘म्यूल’ बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों तथा कंबोडिया से जुड़े विदेशी साइबर धोखाधड़ी गिरोहों के बीच एक कड़ी के रूप में काम करता था।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता को एक सोशल मीडिया समूह में जोड़ा गया था, जहां शेयर बाजार विशेषज्ञ बनकर ठगों ने सदस्यों को एक फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग मंच में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए भारी मुनाफा दर्शाने वाले फर्जी स्क्रीनशॉट साझा किए।
इसने कहा कि इस योजना को असली समझकर, शिकायतकर्ता ने आरोपियों द्वारा दिए गए विभिन्न बैंक खातों में लगभग 24 लाख रुपये भेज दिए।
पुलिस ने बताया कि जब उसने अपने निवेश और मुनाफे को निकालने की कोशिश की, तो जालसाज़ों ने कथित तौर पर विभिन्न बहाने बनाकर और अधिक पैसे की मांग की।
इसके बाद, 20 मार्च को दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत ई-प्राथमिकी दर्ज की गई, जिसके बाद एक समर्पित टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस ने बताया कि यह पैसा अलग-अलग राज्यों में फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले गए कई बैंक ‘म्यूल’ बैंक खातों के माध्यम से भेजा गया था।
इसने आरोपियों से आठ मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज, कमीशन-बांटने के रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए।
अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज इन ‘म्यूल’ खातों से जुड़ी 60 से अधिक शिकायतों पर जांच जारी है और मात्र 14 दिन के भीतर लगभग 4.5 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का पता चला है।
भाषा नोमान
नोमान नेत्रपाल
नेत्रपाल