ग्रामीणों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी देगी विकसित भारत रोजगार वं आजीविका मिशन योजना:शर्मा

Ads

ग्रामीणों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी देगी विकसित भारत रोजगार वं आजीविका मिशन योजना:शर्मा

  •  
  • Publish Date - July 2, 2026 / 07:56 PM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 07:56 PM IST

जयपुर, दो जुलाई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी योजना’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी।

उन्होंने कहा कि यह योजना स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगी।

ब्यावर जिले में योजना के राज्य स्तरीय आरंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शर्मा ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के उस विजन को साकार करने की दिशा में है, जिसमें गांवों के विकास को आधार बनाया गया है।

यह कार्यक्रम आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा योजना की राष्ट्रीय शुरुआत कार्यक्रम से जुड़ा हुआ था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में सामने आई कमियों को दूर करेगी तथा जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत ढांचे, आजीविका और आपदा प्रबंधन से जुड़े टिकाऊ विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी जॉब कार्ड, बढ़ा-चढ़ाकर दर्ज की गई उपस्थिति, अधूरे कार्य और मजदूरी भुगतान में देरी जैसी अनियमितताओं के कारण मनरेगा अपने उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल नहीं कर सकी।

शर्मा ने कहा कि योजना के कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन के लिए ‘जियो-टैगिंग’, ‘सैटेलाइट इमेजरी’, ‘मोबाइल एप्लीकेशन’ और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि योजना के तहत श्रमिकों को साप्ताहिक आधार पर मजदूरी का भुगतान किया जाएगा तथा यदि दो सप्ताह से अधिक की देरी होती है तो उन्हें स्वचालित रूप से मुआवजा भी दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 12,636 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है, जो राजस्थान में किसी भी ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम के लिए अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड, महिला स्वयं सहायता समूहों को ऋण स्वीकृति चेक तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृति पत्र और मकानों की चाबियां भी वितरित कीं।

उन्होंने इस अवसर पर लगभग 424 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया।

भाषा बाकोलिया पारुल राजकुमार

राजकुमार