देहरादून, 22 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को श्रद्धालुओं से चारधाम यात्रा के दौरान ‘डिजिटल उपवास’ रखकर उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का आह्वान करते हुए उनसे पांच संकल्पों का भी पालन करने का आग्रह किया है।
रुद्रप्रयाग जिले में स्थित भगवान शिव के धाम केदारनाथ के कपाट खुलने के मौके पर सोशल मीडिया पर अपने एक शुभकामना संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि केदारनाथ सहित चारधाम की यह यात्रा हमारी आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का दिव्य उत्सव है। उन्होंने कहा, ‘‘ इन यात्राओं से हमें भारत की सनातन संस्कृति के दर्शन भी होते हैं।’’
मोदी ने सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए उनके लिए एक पत्र भी पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में चल रहे विकास के महायज्ञ से चारधाम यात्रा बहुत सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक हुई है लेकिन इन कामों में प्रदेश के प्राकृतिक सौंदर्य का पूरा ध्यान रखने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ मैं उत्तराखंड आने वाले हर अतिथि से भी कहूंगा कि वे इस नए अनुभव का आनंद जरूर लें। सभी यात्रीगण अपनी यात्रा के दौरान डिजिटल उपवास रखने और उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता को जीने का प्रयास भी करें। इससे आपको एक अलग संतुष्टि भी मिलेगी।’’
पत्र में प्रधानमंत्री ने प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं से पांच संकल्पों का पालन करने का आग्रह भी किया है, जिसमें उन्होंने ‘‘स्वच्छता सर्वोपरि’’ को पहला संकल्प बताते हुए उनसे धाम और नदियों के आसपास सफाई रखने तथा एकल इस्तेमाल प्लास्टिक का उपयोग न करने को कहा है।
दूसरे संकल्प में मोदी ने तीर्थयात्रियों से हिमालयी धरा में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसे प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का आग्रह किया।
तीर्थयात्राओं को पुरातन काल से सेवा और सामाजिक समरसता स्थापित करने का माध्यम बताते हुए प्रधानमंत्री ने तीसरे संकल्प के रूप में श्रद्धालुओं से अपनी यात्रा के प्रत्येक दिन, किसी न किसी रूप में, लोगों की सेवा करने का आग्रह किया है।
चौथे संकल्प में प्रधानमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपने मूल स्थान से चलकर घर लौटने तक अपने कुल खर्च का पांच प्रतिशत हिस्सा स्थानीय उत्पादों को खरीदने पर जरूर खर्च करने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा देने को कहा है।
उन्होंने पांचवें संकल्प के रूप में श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान अनुशासन, सुरक्षा और मर्यादा का पालन करने का आग्रह करते हुए क्रिएटर्स, इंफ्लूएंसर्स से प्रदेश की स्थानीय कहानियों और यहां की छोटी-छोटी परंपराओं को भी जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुल चुके हैं जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट बृहस्पतिवार को खुलेंगे।
भाषा दीप्ति धीरज
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