धर्मा प्रोडक्शंस ने रॉ के संस्थापक आर एन काव पर फिल्म बनाने की घोषणा की

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धर्मा प्रोडक्शंस ने रॉ के संस्थापक आर एन काव पर फिल्म बनाने की घोषणा की

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 05:21 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 05:21 PM IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) धर्मा प्रोडक्शंस और लियो मीडिया कलेक्टिव ने ‘रिसर्च एंड एनालिसिस विंग’ (रॉ) के संस्थापक रामेश्वर नाथ काव पर एक फिल्म बनाने के लिये हाथ मिलाया है।

फिल्म को 11 अगस्त, 2028 को सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है।

‘केसरी’, ‘राजी’, ‘शेरशाह’ और ‘केसरी: चैप्टर 2’ के बाद करण जौहर एक और गुमनाम नायक की कहानी को बड़े पर्दे पर लाने के लिए तैयार हैं।

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, धर्मा प्रोडक्शंस आर. एन. काव पर एक फीचर फिल्म बनाने के लिए लियो मीडिया कलेक्टिव के साथ साझेदारी कर रहा है। काव ने साल 1968 में ‘रॉ’ की स्थापना की थी।

यह फिल्म वर्तमान में विकास के चरण में है और अभी तक इसका कोई नाम नहीं रखा गया है।

निर्माताओं ने 21 सितंबर, 2026 को इस फिल्म की घोषणा की। इसी दिन भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी रॉ की स्थापना के 58 वर्ष पूरे हो रहे हैं। निर्माताओं ने रॉ की छह दशक लंबी विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से फिल्म को 2028 में सिनेमाघरों में रिलीज करने का लक्ष्य रखा है।

करण जौहर ने इस बारे में बात करते हुए साझा किया, “लियो मीडिया पिछले दो वर्षों से पूरी मेहनत और जुनून के साथ इस कहानी पर शोध और इसका नाट्य रूपांतरण कर रहा है। हम चाहते हैं कि यह फिल्म वास्तविक तथ्यों पर आधारित एक दिलचस्प कहानी हो, ताकि ‘रॉ’ को श्रद्धांजलि दी जा सके। धर्मा में हम सभी इसे शुरू करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं।”

यह बड़े पैमाने की जासूसी-एक्शन फिल्म नितिन गोखले की पुस्तक ‘जेंटलमैन स्पाईमास्टर’ पर आधारित है। इसके निर्माता 2026 के मध्य तक शूटिंग शुरू करने की तैयारी में हैं।

फिल्म के कलाकारों, निर्देशक और अन्य विवरण फिलहाल साझा नहीं किए गए हैं। हालांकि, सूत्रों ने पुष्टि की है कि इस परियोजना में एक शीर्ष अभिनेता मुख्य भूमिका निभाएगा।

यह फिल्म 1955 से 1971 तक के सफर को दिखाएगी, जिसमें ‘रॉ’ की आवश्यकता क्यों पड़ी, इसकी स्थापना कैसे हुई और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में इसके सबसे पहले मिशन को अंजाम देने की पूरी कहानी शामिल होगी।

आर. एन. काव को जासूसी की दुनिया का एक दिग्गज माना जाता है और भारतीय खुफिया तंत्र को वैश्विक पटल पर लाने का श्रेय उन्हीं को जाता है।

भाषा प्रचेता दिलीप

दिलीप