डीएमआरसी ने सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के लिए शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू किया

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डीएमआरसी ने सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर के लिए शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू किया

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 03:49 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 03:49 PM IST

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने मंगलवार को शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य शुरू किया, जिसके तहत मौजूदा मैजेंटा लाइन का जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक विस्तार किया जाएगा।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने स्टेशन पर ‘डी-वॉल’ के निर्माण की नींव रखी।

संधू ने ‘एक्स’ पर कहा, “29 मीटर गहराई पर बनने वाला यह स्टेशन इंजीनियरिंग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगा। इसमें एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और राजीव चौक के साथ सीधा भूमिगत संपर्क कायम किया जाएगा। इससे प्रमुख संस्थानों को आसानी से जोड़ा जा सकेगा और केंद्रीय परिवहन केंद्रों पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।”

उन्होंने इस परियोजना को ‘विकसित दिल्ली’ के लिए आधुनिक और निर्बाध कनेक्टिविटी कायम करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

डीएमआरसी के अनुसार, इस भूमिगत स्टेशन को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के मौजूदा शिवाजी स्टेडियम स्टेशन से 230 मीटर लंबे भूमिगत सबवे के जरिए जोड़ा जाएगा। इससे दोनों मेट्रो लाइनों के बीच यात्री आसानी से आ-जा सकेंगे।

यह स्टेशन राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से भी 800 मीटर लंबे भूमिगत सबवे के जरिए जुड़ा होगा। इस सबवे में यात्रियों की सुविधा के लिए ‘ट्रैवलेटर’ लगाए जाएंगे।

नए स्टेशन की ‘डायफ्राम वॉल’ करीब 38 मीटर की गहराई पर बनाई जाएगी, जो लगभग 12 मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर है।

डीएमआरसी ने बताया कि इतनी गहराई इसलिए जरूरी है क्योंकि नया स्टेशन मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के नीचे बनाया जाएगा।

डीएमआरसी ने बताया कि निर्माण कार्य की जिम्मेदारी एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को दी गई है।

9.9 किलोमीटर लंबे सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर में नौ भूमिगत स्टेशन होंगे, जिनमें शिवाजी स्टेडियम, युगे युगीन भारत, केंद्रीय सचिवालय, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं।

इसी कॉरिडोर में शामिल केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर निर्माण कार्य 24 जून को शुरू हुआ था।

इस कॉरिडोर से मध्य नयी दिल्ली में सरकारी कार्यालयों, न्यायिक संस्थानों, राष्ट्रीय स्मारकों और सम्मेलन केंद्रों तक कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इसके अलावा, इससे मेट्रो नेटवर्क के बीच बेहतर संपर्क भी होगा।

संधू ने कहा कि दिल्ली मेट्रो के विस्तार ने “वास्तव में शहर को बदल दिया है।”

भाषा जोहेब रंजन

रंजन