चंपावत: Drone Banned in Marriage अक्षय तृतीया के बाद से पूरे देश में शादियों का सीजन शुरू हो चुका है, जिसके बाद से गांव-गली और शहरों में शहनाइयों की गूंज सुनाई दे रही है। शादी तय होने के बाद से दूल्हा-दुल्हन अरमानों के पंख लगाए हुए उड़ते हुए नजर आते हैं। दूल्हा-दुल्हन दोनों ही शादी के हर एक पल को यादगार बनाने के लिए पूरी जतन करते हैं। हर लम्हे को यादगाद बनाने के लिए आज कल फोट्रोग्राफी का चलन बढ़ गया है। लेकिन अब शादी की तैयारियों में जुटे दूल्हा-दुल्हन को प्रशासन ने झटका दिया है। दरअसल प्रशासन ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद फैसला लेते हुए ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए प्रशासन ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
Drone Banned in Marriage दूसरी ओर, उत्तराखंड के देहरादून, उधमसिंहनगर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत आदि जिलों में पुलिस-प्रशासन की ओर से संवदेनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के चम्पावत जिले की संवेदनशील भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की गाइडलाइन के अनुसार ‘नो ड्रोन फ्लाई जोन’ घोषित किया जा चुका है।
डीजीसीए की सख्त गाइडलइान के बाद अब शादियों में भी ड्रोन को उड़ाया नहीं जा सकेगा। प्रशासन की बात मानें तो इंटरनेशनल बॉर्डर से लगे होने की वजह से यह कड़ा फैसला लिया गया है। चंपावत डीएम नवनीत पांडे ने बताया कि सुरक्षा के दृष्टिगत अगले आदेशों तक शादी समारोह, सामाजिक आयोजन, निजी उपयोग या किसी भी अन्य प्रयोजन के लिए ड्रोन उड़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
चंपावत एसपी अजय गणपति ने बताया कि डीजीसीए के निर्देशों के अनुसार रेड जोन एवं बॉर्डर क्षेत्र में ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है। कहा कि नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने सभी से नियमों का पालन करने की अपील की है। चमोली जिले में भी ड्रोन को उड़ाने से पहले पुलिस-प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है।
उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में सत्यापन अभियान पर विशेषतौर से फोकस किया जा रहा है। संदिग्धों की पहचान के लिए पुलिस की ओर से चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है। एसपी पिथौरागढ़ रेखा यादव ने बताया कि पाकिस्तान के साथ तनाव के बाद से ड्रोन के इस्तेमाल पर रोक है।

