Ebola Outbreak 2026 : हंतावायरस के बाद अब खून, उल्टी और पसीने से फैल रहा है ये जानलेवा वायरस! WHO ने घोषित की इमरजेंसी, अब तक 80 की मौत

Ads

कांगो और युगांडा में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है और विशेषज्ञों का कहना है कि इस खतरनाक वायरस का फिलहाल कोई पक्का इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

  •  
  • Publish Date - May 17, 2026 / 10:59 AM IST,
    Updated On - May 17, 2026 / 11:31 AM IST

Ebola Outbreak 2026 / Image Source : AI GENERATED

HIGHLIGHTS
  • कांगो और युगांडा में तेजी से फैल रहा है इबोला वायरस
  • अब तक 80 लोगों की मौत, दर्जनों संदिग्ध मामले सामने आए
  • World Health Organization (WHO) ने अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया

नई दिल्ली : Ebola Outbreak 2026  दुनिया में हंतावायरस का प्रकोप अभी थमा भी नहीं था कि अब इबोला वायरस ने फिर दस्तक दे दी है। अफ्रीकी देश कांगो और युगांडा में इबोला तेजी से पैर पसार रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने रविवार को कांगो और युगांडा में फैल रहे इबोला को ‘इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी’ घोषित कर दिया है। हालांकि, WHO ने कहा कि बंडिबुग्यो वायरस से फैला यह संक्रमण अभी पूरी तरह ‘महामारी’ नहीं बना है, लेकिन इसका खतरा बड़ा है।

80 लोगों की मौत

कांगो के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पूर्वी इतूरी प्रांत में इबोला के इस नए प्रकोप से अब तक 80 लोगों की मौत हो चुकी है। यहाँ अब तक 246 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से 8 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इस बीमारी का पहला शिकार एक नर्स हुई थी, जिसकी बुखार, शरीर से खून बहना, उल्टी और कमजोरी के कारण मौत हो गई थी।

Congo Uganda Ebola News नहीं है कोई पक्का इलाज या वैक्सीन

दूसरी ओर, युगांडा ने भी अपने यहाँ इबोला फैलने की पुष्टि की है। युगांडा में मिला पहला मरीज कांगो से आया था, जिसकी 14 मई को आईसीयू में मौत हो गई। जांच में सामने आया है कि यह तबाही इबोला के ‘बुंडिबुग्यो स्ट्रेन’ के कारण मची है, जिसका फिलहाल कोई पक्का इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

WHO Global Health Emergency कैसे फैलता है इबोला?

इबोला एक बहुत खतरनाक और जानलेवा वायरस है। यह संक्रमित व्यक्ति के खून, उल्टी, पसीना या शरीर के अन्य तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैलता है। फिलहाल इस वायरस का कोई पक्का इलाज उपलब्ध नहीं है।इबोला के इस खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्वास्थ्य एजेंसियां सीमाओं पर जांच बढ़ाकर इसे और अधिक फैलने से रोकने का प्रयास कर रही हैं।

इन्हें भी पढ़ें :