जयपुर/नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) राजस्थान में पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मध्याह्न भोजन योजना के कार्यान्वयन में कथित तौर पर हुई 2,000 करोड़ रुपये की अनियमितताओं की जांच के लिए धनशोधन का मामला दर्ज करने जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सात जनवरी को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, भारतीय दंड संहिता और राजस्थान सार्वजनिक खरीद पारदर्शिता अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत राजस्थान सहकारी उपभोक्ता संघ लिमिटेड (कॉन्फेड) के कुछ सेवानिवृत्त अधिकारियों, कुछ निजी व्यक्तियों और कंपनियों सहित 21 आरोपियों को नामजद किया।
‘पीटीआई-भाषा’ के पास इस प्राथमिकी की प्रति उपलब्ध है। बाईस पृष्ठों की प्राथमिकी में कहा गया है कि यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राज्य में पात्र स्कूली बच्चों को दाल, भोजन पकाने के तेल और मसाले युक्त सूखे राशन के पैकेट उपलब्ध कराने में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के 2024 में भेजे गए एक संदर्भ से उत्पन्न हुआ है।
एसीबी की प्राथमिकी के अनुसार, पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले तीन करोड़ से अधिक छात्रों को 2020-23 के बीच पांच चरणों में सूखे राशन के पैकेट उपलब्ध कराए गए थे और राजस्थान सरकार ने इस पर 2,023.91 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
संघीय जांच एजेंसी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत एसीबी को संदर्भ भेजा, जिसके तहत इसे पुलिस या नामित कानून प्रवर्तन एजेंसी के साथ अपराध के संबंध में जानकारी साझा करने का अधिकार है।
ईडी ने अपने पत्र में दावा किया है कि उसने 2020-23 के बीच राज्य में मध्याह्न भोजन योजना के कार्यान्वयन में कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार से संबंधित सबूतों का पता लगाया है।
सूत्रों ने बताया कि ईडी ने 2023 में इस मामले में एक ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) दर्ज की थी, लेकिन राज्य पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिक मामला बंद कर दिया, जिसके कारण पीएमएलए का मामला भी बंद हो गया। ईसीआईआर पुलिस प्राथमिकी के बराबर होता है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने 2024 में अपने द्वारा जुटाए गए सबूत एसीबी को भेजे और अब राज्य एजेंसी ने प्राथमिकी दर्ज की है। सूत्रों ने बताया कि जल्द ही धनशोधन का एक नया मामला दर्ज किया जाएगा, ताकि ‘‘घोटाले’’ का पर्दाफाश किया जा सके, अपराध से प्राप्त संभावित धनराशि को जब्त किया जा सके और आरोपियों पर धनशोधन रोधी कानून के तहत मुकदमा चलाया जा सके।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शुक्रवार को पूर्व अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इस मामले में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के आरोपों का खंडन किया।
डोटासरा ने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर नौकरशाही को बदनाम करने और अपनी विफलताओं से ‘‘ध्यान हटाने’’ के लिए एक ‘‘झूठी कहानी’’ गढ़ने का आरोप लगाया।
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गोला सुरेश
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