फेशियल रिकग्निशन’, ‘फिंगरप्रिंट’: स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए चाक- चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
फेशियल रिकग्निशन’, ‘फिंगरप्रिंट’: स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए चाक- चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
नयी दिल्ली, नौ अगस्त (भाषा) स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले लाल किले और आसपास के इलाकों में कई स्तरीय चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस भीड़ में संदिग्ध और वांछित लोगों की पहचान करने के लिए ‘अभिज्ञान’ ऐप और ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम’ (एफआरएस) जैसी उन्नत तकनीक का इस्तेमाल करेगी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा 15 अगस्त के समारोह के लिए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 15,000 से 20,000 जवानों को तैनात किए जाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि लाल किले पर होने वाले इस कार्यक्रम में विशिष्ट एवं अतिविशिष्ट व्यक्तियों समेत करीब 25,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा के बेहतर इंतजामों के तहत पहली बार भीड़ में लोगों की जांच के लिए ‘अभिज्ञान’ ऐप का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस ऐप में एक करोड़ से ज़्यादा अपराधियों का डेटाबेस है और पुलिसकर्मी यादृच्छिक तरीके से चुने गए लोगों का ‘फिंगरप्रिंट’ लेने के लिए विशेष उपकरण का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना था कि ‘फिंगरप्रिंट’ को कुछ ही सेकंड में डेटाबेस से मिलाया जाता है, ऐसे में लाल संकेत का मतलब होता है कि व्यक्ति का आपराधिक रिकॉर्ड है और उसकी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देती है, जबकि हरे संकेत का मतलब है कि कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
अधिकारियों ने यह भी बताया कि लाल किले और उसके आस-पास के इलाकों की निगरानी के लिए लगभग 1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें ‘फेशियल रिकग्निशन सिस्टम’ वाले कैमरे भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि स्मारक के अंदर एक हाई-टेक सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष बनाया गया है, जहां से पुलिसकर्मी और तकनीकी दल चौबीसों घंटे इलाके पर नज़र रख रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि इस निगरानी नेटवर्क का इस्तेमाल लाल किले के बाहर कई किलोमीटर के इलाके पर नज़र रखने के लिए भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऊंचे मंचों समेत अहम जगहों पर ‘स्नाइपर’ तैनात किए जायेंगे और किसी भी अनधिकृत हवाई गतिविधि को रोकने के लिए ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ भी लगाए गए हैं।
उत्तरी जिला कंप्यूटर प्रकोष्ठ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस का जश्न सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए गृह मंत्रालय की ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ पहल के तहत ये इंतज़ाम किए जा रहे हैं।
इस साल लाल किले पर कार्यक्रम का विषय ‘वंदे मातरम’ है। सुरक्षा कारणों से 15 अगस्त को स्मारक के आस-पास पतंग उड़ाने पर रोक लगा दी गई है।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश

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