नए मंत्रियों के बीच विभागों के आवंटन को लेकर कांग्रेस आलाकमान के साथ चर्चा कर सकते हैं शिवकुमार
नए मंत्रियों के बीच विभागों के आवंटन को लेकर कांग्रेस आलाकमान के साथ चर्चा कर सकते हैं शिवकुमार
बेंगलुरु, नौ अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार रविवार देर शाम नयी दिल्ली पहुंचेंगे। इस दौरान अटकलें हैं कि वह नए मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा कर सकते हैं।
मीडिया के साथ साझा किए गए मुख्यमंत्री के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, शिवकुमार राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के बाद कर्नाटक भवन में उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ वकीलों के साथ एक बैठक में शामिल होंगे।
उनके बेंगलुरु लौटने का कार्यक्रम अभी तय नहीं है।
पार्टी में इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि शिवकुमार दिल्ली यात्रा के दौरान 19 नए मंत्रियों के बीच विभागों के आवंटन को लेकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा कर सकते हैं। इन नेताओं को तीन अगस्त को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।
मंत्रिमंडल में जगह पाने की इच्छा रखने वाले विधायकों की नाराजगी पर भी चर्चा होने की संभावना है।
पिछले तीन-चार दिन में शिवकुमार, कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद, कांग्रेस के कर्नाटक मामलों के लिये प्रभारी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला और कुछ मंत्रियों ने मंत्रिमंडल में जगह नहीं पाने वाले विधायकों से संपर्क किया है, ताकि उनकी नाराजगी दूर की जा सके।
रविवार को शिवकुमार ने वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री दिनेश गुंडू राव से मुलाकात की।
सूत्रों के अनुसार, ऐसी खबरें हैं कि शिवकुमार छोटे स्तर पर मंत्रिमंडल में बदलाव पर विचार कर सकते हैं। इसके तहत कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाकर उन नाराज विधायकों को जगह दी जा सकती है, जो लगातार मंत्री पद की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस तरह के किसी कदम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
शिवकुमार के मंत्रिमंडल में अभी कोई महिला मंत्री नहीं है, इसलिए उनपर दबाव बढ़ रहा है कि एकमात्र रिक्त मंत्री पद पर किसी महिला को नियुक्त किया जाए।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री 13 अगस्त से शुरू होने वाले राज्य विधानसभा के मानसून सत्र से पहले इन सभी प्रक्रियाओं को पूरा करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री पद संभालने के दो महीने बाद शिवकुमार ने तीन अगस्त को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए 19 मंत्रियों को शामिल किया था। इसके बाद मंत्रिमंडल सदस्यों की कुल संख्या 33 हो गई है। अभी एक मंत्री पद खाली है।
भाषा जोहेब दिलीप
दिलीप

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