असम में बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार, तेजी से घट रहा जलस्तर

असम में बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार, तेजी से घट रहा जलस्तर

असम में बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार, तेजी से घट रहा जलस्तर
Modified Date: July 14, 2024 / 04:30 pm IST
Published Date: July 14, 2024 4:30 pm IST

गुवाहाटी, 14 जुलाई (भाषा) असम में बाढ़ की स्थिति में रविवार को सुधार जारी रहा और पूरे प्रदेश में जलस्तर तेजी से घट रहा है । अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने भी बराक घाटी और मध्य असम के कुछ जिलों में बारिश की भविष्यवाणी के अलावा कोई चेतावनी जारी नहीं की है।

शनिवार की रात असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की रिपोर्ट के अनुसार धेमाजी जिले के गोगामुख राजस्व सर्कल में एक व्यक्ति की मौत हो गई।

इस साल बाढ़, भूस्खलन, तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाओं से कुल 107 लोगों की मौत हो चुकी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बारपेटा, कछार, चिरांग, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, ग्वालपाड़ा, गोलाघाट, हैलाकांडी, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, करीमगंज, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, शिवसागर और दक्षिणी सलमारा जिलों में बाढ़ से 8,40,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

इसमें कहा गया है कि कछार सबसे अधिक प्रभावित है, जहां लगभग डेढ़ लाख लोग बाढ़ से पीड़ित हैं, इसके बाद धुबरी में लगभग 1.27 लाख लोग और नागांव में 88,500 से अधिक लोग बाढ़ से पीड़ित हैं।

प्रशासन 13 जिलों में 221 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहा है, जिसमें 72046 विस्थापित लोगों की देखभाल की जा रही है।

अधिकारियों ने पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के बाढ़ पीड़ितों को 616.49 क्विंटल चावल, 111.65 क्विंटल दाल, 32.16 क्विंटल नमक और 2,956.25 लीटर सरसों तेल वितरित किया है।

एएसडीएमए ने कहा कि वर्तमान में 1705 गांव जलमग्न हैं और पूरे असम में 39,898.92 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र क्षतिग्रस्त हो गया है।

बारपेटा, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलपारा, कोकराझार, बोंगईगांव, कछार, चराइदेव, गोलाघाट, मोरीगांव, नगांव और शिवसागर में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

निमातीघाट, तेजपुर और धुबरी में ब्रह्मपुत्र खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

इसकी सहायक नदियां चेनिमारी में बुरहीदिहिंग और नंगलामुराघाट में दिसांग खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं।

एएसडीएमए ने कहा कि बराक नदी की सहायक नदी कुशियारा भी करीमगंज शहर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

बाढ़ से राज्य भर में 5,03,400 से अधिक मुर्गियां, घरेलू जानवर आदि प्रभावित हुए।

भाषा यासिर रंजन

रंजन


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