भ्रष्‍टाचार के मामले में पूर्व मुख्‍य अभियंता गिरफ्तार

भ्रष्‍टाचार के मामले में पूर्व मुख्‍य अभियंता गिरफ्तार

भ्रष्‍टाचार के मामले में पूर्व मुख्‍य अभियंता गिरफ्तार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: October 27, 2020 1:34 pm IST

कानपुर, 27 अक्‍टूबर ( भाषा ) कानपुर पुलिस ने मंगलवार को उत्‍तर प्रदेश स्‍टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ( यूपीएसआईडीए ) के पूर्व मुख्य अभियंता अरुण कुमार मिश्रा को 2.11 करोड़ रुपये के 8 वर्ष पुराने भ्रष्‍टाचार के मामले में गिरफ्तार किया है।

चकेरी क्षेत्र के सहायक पुलिस अधीक्षक सत्‍यजीत गुप्‍ता ने बताया कि मिश्रा को चकेरी इलाके में रामादेवी से गिरफ्तार किया गया है। एएसपी ने बताया कि मिश्रा 2.11 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी हैं।

एएसपी ने बताया कि मिश्रा के कार्यकाल के दौरान चकेरी-पाली सड़क का निर्माण केवल कागजों पर दिखाया गया था। गुप्‍ता ने कहा कि 10 दिन पहले राज्य सरकार ने तत्कालीन सहायक अभियंता नागेंद्र सिंह और कनिष्ठ अभियंता एसके वर्मा सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र प्रस्तुत करने के लिए अभियोजन स्वीकृति दी थी। आरोप पत्र अभी तक दायर नहीं किया गया है। एएसपी ने कहा कि अन्य आरोपियों ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

एक अधिकारी ने बताया कि 2009 में यूपीएसआईडीए जिसे पहले यूपीएसआईडीसी के नाम से जाना जाता था, ने प्रयागराज नेशनल हाइवे से चकेरी औद्योगिक क्षेत्र तक तीन किलोमीटर सड़क का निर्माण किया था। इसके आगे 1940 मीटर की सड़क लोकनिर्माण विभाग द्वारा बनाई गई थी लेकिन पूर्व मुख्‍य अभियंता सहित अधिकारियों ने पीडब्‍लूडी के हिस्‍से को भी अपनी निर्माण परियोजना में दिखाया था।

यूपीएसआईडीए के तत्कालीन कार्यकारी अभियंता अजीत सिंह, सहायक अभियंता नागेंद्र सिंह और कनिष्ठ अभियंता एसके वर्मा ने जनवरी 2009 में सड़क के निर्माण के लिए मेसर्स कार्तिक इंटरप्राइजेज फर्म को 2.11 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया जबकि सड़क लोक निर्माण विभाग ने बनाई थी। यह धनराशि यूपीएसआईडीए से दो किश्‍तों में भुगतान की गई थी। जब वर्ष 2012 में यूपीएसआईडीए के तत्‍कालीन प्रबंधन निदेशक मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन की जानकारी में यह मामला आया तो उन्‍होंने कार्तिक एंटरप्राइजेज, पूर्व मुख्‍य अभियंता मिश्रा और अन्य अभियंताओं के खिलाफ चकेरी पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया। भाषा सं आनन्‍द नेत्रपाल उमा

उमा


लेखक के बारे में