चेन्नई, 22 सितंबर (भाषा) केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) पुलिस ने मंगलवार को कारोबारी आर वीरमणि के खिलाफ पॉक्सो मामले के सिलसिले में ‘जेम ग्रेनाइट्स’ कंपनी के पूर्व कर्मचारी गणेशन को गिरफ्तार कर लिया।
गणेशन के मोबाइल फोन में एक वीडियो मिलने के बाद वीरमणि और उसके सहयोगियों शांति और महेंद्र सिम्हन के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस वीडियो में वीरमणि (84) एक नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर अश्लील हरकत करते दिख रहा है।
पुलिस ने बताया कि अधिकारियों को वीडियो के बारे में सूचना नहीं देने को लेकर गणेशन को गिरफ्तार किया गया है।
मामले में शांति और महेंद्र सिम्हन नाम के दंपति को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें वीरमणि का सहयोगी बताया जा रहा है।
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
ग्रेनाइट कारोबारी वीरमणि के खिलाफ पॉक्सो मामले को लेकर तमिलनाडु में जारी राजनीतिक विवाद के बीच ये गिरफ्तारियां हुई हैं। कई नाबालिग लड़कियों के कथित यौन शोषण को लेकर वीरमणि को गिरफ्तार किया गया है।
सोमवार को राज्य की मौजूदा सरकार के मंत्रियों ने पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार पर मामले को ‘‘दबाने’’ और पुलिस विभाग के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने बताया कि गणेशन ने वीरमणि की कंपनी में 23 साल तक काम किया था और अभी वह ‘बालाजी ग्लोबल एंटरप्राइजेज’ में कार्यरत है।
जांच के दौरान पुलिस ने गणेशन के मोबाइल फोन में एक नाबालिग लड़की का वीडियो पाया।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘गणेशन को वीडियो रखने और अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी न देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।’’
बयान के मुताबिक, न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद उसे पुझल केंद्रीय कारागार में रखा गया है।
बयान में कहा गया है कि सीसीबी इस बात की जांच कर रही है कि गणेशन के पास यह वीडियो कैसे आया और उसे यह किसने भेजा।
इसमें कहा गया है कि उन परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है, जिनमें उसे यह वीडियो मिला और उसने पुलिस को बताए बिना इसे अपने पास रखा।
भाषा सुभाष पारुल
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