चंडीगढ़, 28 अक्टूबर (भाषा) पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मोहम्मद मुस्तफा के बेटे की मौत की जांच कर रहे हरियाणा पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने परिवार को प्रदान किये गए सुरक्षा दल का हिस्सा रहे पंजाब पुलिस के कई कर्मियों से पूछताछ की है।
पंचकूला पुलिस की एसआईटी ने मृतक अकील अख्तर का मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया है, जिसे फोरेंसिक जांच और डेटा फिर से हासिल करने के लिए भेजा जाएगा।
मोबाइल फोन के अलावा अख्तर की डायरी और लैपटॉप भी उसके परिवार ने एसआईटी को सौंप दिया है।
पंचकूला के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और एसआईटी प्रभारी विक्रम नेहरा ने मंगलवार को कहा कि अख्तर की मौत का कारण अभी पता नहीं चल पाया है, क्योंकि विसरा विश्लेषण सहित विभिन्न रिपोर्टों का अब भी इंतजार है।
मुस्तफा और उनकी पत्नी रजिया सुल्ताना (पंजाब की पूर्व मंत्री) के खिलाफ हरियाणा के पंचकूला पुलिस ने उनके 35 वर्षीय बेटे की मौत के सिलसिले में मामला दर्ज किया है।
अकील अख्तर 16 अक्टूबर को अपने पंचकूला स्थित आवास पर मृत पाए गए थे। इस मामले में उनकी पत्नी और बहन पर भी मामला दर्ज किया गया है।
पंजाब के मलेरकोटला के शमशुद्दीन नामक व्यक्ति द्वारा अख्तर की मौत में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराने के बाद 20 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (1) और 61 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जो हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित है।
शिकायतकर्ता ने अगस्त में अख्तर द्वारा रिकॉर्ड किए गए कथित वीडियो का विवरण दिया है, जिसमें उसने अपने पिता और परिवार के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पंचकूला में पत्रकारों से बात करते हुए एसआईटी प्रमुख ने कहा कि परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के लिए तैनात नौ पुलिसकर्मियों को जांच के तहत सोमवार को बुलाया गया था।
उनसे अख्तर और उसके परिवार के बारे में कई सवाल पूछे गए।
उन्होंने कहा, “आज भी, जांच के सिलसिले में पंजाब पुलिस के कुछ जवानों को बुलाया है।”
उन्होंने कहा, “उनके घर पर घरेलू सहायक और माली के तौर पर काम करने वालों से भी पूछताछ की जाएगी।”
एक सवाल के जवाब में एसआईटी प्रमुख ने बताया कि पंचकूला स्थित उस घर की तलाशी पूरी हो चुकी है जहां अख्तर मृत पाए गए थे। उन्होंने कहा, “हमने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं और हम फोरेंसिक विशेषज्ञों से उनकी जांच करवा रहे हैं।”
एक सवाल के जवाब में एसीपी ने कहा कि जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि अख्तर और उनके परिवार के बीच “वैचारिक मतभेद” था।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि मामले की जांच वैज्ञानिक तरीके से चल रही है और कुछ रिपोर्टों का अभी इंतजार है, जिसके बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
उन्होंने कहा, “एक बार यह पहलू पूरा हो जाए, तो हम उन लोगों को बुलाएंगे जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज है।”
1985 बैच के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी मुस्तफा पंजाब के डीजीपी (मानवाधिकार) के पद पर कार्यरत थे, जबकि उनकी पत्नी राज्य की पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री थीं।
एफआईआर दर्ज होने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुस्तफा ने अपने बेटे की मौत के संबंध में अपने और अपने परिवार के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को “पूरी तरह से झूठा” बताकर खारिज कर दिया था।
भाषा
प्रशांत नरेश
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