उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन

Ads

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी का निधन

  •  
  • Publish Date - May 19, 2026 / 12:41 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 12:41 PM IST

देहरादून, 19 मई (भाषा) उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता भुवन चंद्र खंडूरी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया । वह 91 वर्ष के थे । उनके परिवार ने यह जानकारी दी ।

पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार में पत्नी अरूणा, एक बेटा मनीष और बेटी रितु खंडूरी भूषण हैं ।

खंडूरी की बेटी और राज्य विधानसभा की अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने अपने पिता के निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि वयोवृद्ध नेता ने करीब 11 बजे एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली ।

पूर्व मुख्यमंत्री लंबे समय से उम्र संबंधी समस्याओं से ग्रस्त थे और पिछले दिनों में कई बार अस्पताल में भर्ती हुए ।

राजनीति में आने से पहले भारतीय सेना से मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए खंडूरी ‘जनरल साहब’ के नाम से मशहूर थे और उनकी छवि एक अनुशासन प्रिय प्रशासक की थी ।

खंडूरी दो बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे । वर्ष 2007 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद खंडूरी मुख्यमंत्री बने । हालांकि, 2009 में लोकसभा चुनावों में प्रदेश की पांचों सीटों पर पार्टी को मिली पराजय का जिम्मा लेते हुए उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया । बाद में, 2011 में उन्हें फिर से भाजपा ने राज्य की कमान सौंपी ।

खंडूरी केंद्रीय मंत्री भी रहे । दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री का पद संभाला । देश के चारों हिस्सों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए बनाई गई स्वर्णिम चतुर्भुज योजना का श्रेय उन्हें दिया जाता हे ।

प्रदेश की राजनीति का एक कद्दावर और ईमानदार चेहरा रहे खंडूरी के निधन से प्रदेश में शोक की लहर व्याप्त हो गयी है ।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खंडूरी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और उनके निधन को उत्तराखंड की ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी अपूरणीय क्षति बताया ।

धामी ने कहा कि खंडूरी ने भारतीय सेना में रहते हुए राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण का अद्धितीय उदाहरण प्रस्तुत किया । उन्होंने कहा, ‘‘सार्वजनिक जीवन में भी उन्होंने उत्तराखंड के विकास, सुशासन, पारदर्शिता और ईमानदार कार्यशैली की मजबूत पहचान बनाई । उन्होंने प्रदेश हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लेकर विकास को नई दिशा प्रदान की ।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सादगी, स्पष्टवादिता और कार्यकुशलता सदैव प्रेरणास्रोत रहेगी ।

धामी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा उनके परिजनों और समर्थकों को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है ।

भाषा दीप्ति

मनीषा

मनीषा

शीर्ष 5 समाचार