(फाइल फोटो सहित)
नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रभावी संरक्षण और प्रबंधन प्रयासों से गिर क्षेत्र के कई इलाकों में शेरों की आबादी को स्थिर करने और बढ़ाने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण ग्रेटर गिर क्षेत्र में शेरों की संख्या 2025 में लगभग 891 होने का अनुमान है, जो 2020 की तुलना में 32 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
यादव ने कहा, ‘‘गिर का शेर न केवल गुजरात की पहचान है, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव, साहस और प्राकृतिक विरासत का प्रतीक भी है।’’
वह गुजरात के सासन गिर में बोल रहे थे, जहां उन्होंने ‘लायन स्पीशीज स्पॉटलाइट इवेंट’ का उद्घाटन किया। यह जून में ‘इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस’ (आईबीसीए) शिखर सम्मेलन 2026 से पहले आयोजित विशेष कार्यक्रमों का हिस्सा है।
शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि इसमें एशिया, अफ्रीका और अमेरिका के 95 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख, मंत्री, नीति निर्माता, वैज्ञानिक, संरक्षण कार्यकर्ता, बहुपक्षीय एजेंसियां, वित्तीय संस्थान, सहयोगी संगठन और 400 प्रतिनिधि एक साथ आएंगे।
यह कार्यक्रम सात प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगा, जिनमें शेर, तेंदुआ जैसी प्रजातियों के संरक्षण में वैश्विक सहयोग को मजबूत करना, इनके प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों को प्रदर्शित करना, और रहवास संरक्षण में नीतिगत तथा संस्थागत समन्वय को बढ़ावा देना शामिल हैं।
मंत्री ने कहा, “आईबीसीए वैश्विक गठबंधन है जो सात प्रजातियों बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, काला गुलदार और प्यूमा के संरक्षण के लिए समर्पित है, और यह सहयोगात्मक अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई तथा मजबूत वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग के माध्यम से काम करता है।’’
भाषा आशीष नरेश
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