गैर-व्यस्त मौसम में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ‘राजस्थान इन समर’ अभियान शुरू करेगी

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गैर-व्यस्त मौसम में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ‘राजस्थान इन समर’ अभियान शुरू करेगी

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  • Publish Date - May 26, 2026 / 10:06 PM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 10:06 PM IST

जयपुर, 26 मई (भाषा) राजस्थान सरकार बड़े पैमाने पर ‘राजस्थान इन समर’ अभियान शुरू करने जा रही है, ताकि गैर-व्यस्त मौसम में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके और राज्य को सालभर लोकप्रिय यात्रा गंतव्य बनाया जा सके।

एक अधिकारी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य राजस्थान की छवि को केवल शीतकालीन पर्यटन तक सीमित न रहने देना और उसे संस्कृति, विरासत तथा स्थानीय जीवनशैली पर आधारित गहन एवं अनुभवात्मक यात्रा अनुभव में तब्दील करना है।

अधिकारी के मुताबिक, इस अभियान को ‘विजिट माई स्टेट’ और ‘हॉलिडे इन राजस्थान’ प्रचार अभियानों के साथ एकीकृत किया जाएगा, ताकि गर्मी के मौसम में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।

संयुक्त निदेशक (पर्यटन) दलीप सिंह राठौड़ ने कहा, “मुख्य उद्देश्य राजस्थान को सालभर लोकप्रिय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।” उन्होंने बताया कि यह अभियान उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के निर्देश के अनुसार शुरू किया जा रहा है।

राठौड़ ने कहा, “एक व्यापक जनसंपर्क रणनीति तैयार की जा रही है, जिसमें डिजिटल अभियान, सोशल मीडिया पोस्ट, अनुभवात्मक पर्यटन और कम-ज्ञात स्थलों के प्रचार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। पहल के हिस्से के रूप में राज्य के प्रमुख क्षेत्रों में गंतव्य-विशिष्ट पर्यटन थीम तैयार की जा रही हैं।”

उन्होंने कहा कि उदयपुर में पर्यटन को झील पर्यटन, सूर्योदय-सूर्यास्त अनुभव और सांस्कृतिक संध्याओं के माध्यम से बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि बूंदी को ‘हिडन हेरिटेज’ गंतव्य के रूप में पेश किया जाएगा, जिसमें इसकी ऐतिहासिक गलियां, बावड़ियां और स्थापत्य कला दिखाई जाएगी।

राठौड़ ने बताया कि जयपुर और जोधपुर में महल अनुभव, पारंपरिक भोजन और सांस्कृतिक संध्याओं पर ध्यान दिया जाएगा, जबकि थार मरुस्थल क्षेत्र, जिसमें बाड़मेर शामिल है, को एकल यात्रा, रेगिस्तानी पर्यटन और ग्रामीण अनुभवात्मक यात्राओं के लिए विकसित किया जा रहा है।

राठौड़ ने कहा, “वन्यजीव पर्यटन भी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, जिसमें विशेष रूप से रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान में गर्मी के मौसम की वन्यजीव गतिविधियों को प्रचारित करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि गैर-व्यस्त मौसम में भी पर्यटकों का आगमन बना रहे।”

भाषा

बाकोलिया पारुल

पारुल