नयी दिल्ली, 30 जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सितंबर 2014 में सीवर के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरने के कारण जान गंवाने वाले 10 वर्षीय बच्चे के परिवार को 16 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड को बच्चे की मां और पिता को 16.92 लाख रुपये और नौ प्रतिशत प्रतिवर्ष के हिसाब से ब्याज देने का आदेश दिया।
अदालत ने कहा कि अधिकारियों ने “स्पष्ट रूप से लापरवाही” बरती।
घटना के समय भागीरथी विहार नहर के पास दिल्ली जल बोर्ड के निर्देश पर सीवर से जुड़ा काम किया जा रहा था। इस दौरान याचिकाकर्ताओं के नाबालिग बेटे की गंदे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।
अदालत ने 27 जुलाई के अपने फैसले में कहा, “प्रतिवादी ऐसे कदम उठाने में विफल रहे, जिनसे दुर्घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने स्पष्ट रूप से लापरवाही बरती। लिहाजा दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया जाता है कि वे 16,92,511 रुपये की राशि का भुगतान करें। इसके साथ याचिका दायर करने की तारीख से लेकर राशि का भुगतान होने की तिथि तक नौ प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज का भी भुगतान किया जाए।”
भाषा जोहेब नरेश
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