नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने बीते 20 जुलाई को छात्रों के संसद मार्च के समय जंतर-मंतर के निकट कथित तौर पर पत्थरों से भरा ट्रक खड़ा किए जाने के मामले में शुक्रवार को न्यायिक जांच की मांग की और आरोप लगाया कि यह गंभीर सुरक्षा चूक का मामला है तथा सरकार का खेल उजागर हो चुका है।
भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने यहां संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि 20 जुलाई को पत्थरों से भरा एक ट्रक पहले जंतर-मंतर के पास खड़ा देखा गया और बाद में उसे भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यालय के सामने खड़ा कर दिया गया, जहां वह 25 जुलाई तक खड़ा रहा।
उन्होंने कुछ वीडियो दिखाए और इनका हवाला देते हुए सवाल किया कि संसद मार्च वाले दिन यह ट्रक वहां कैसे पहुंचा और इसे वहां किसके निर्देश पर खड़ा किया गया?
चिब ने कहा, ‘‘हमारा सवाल है कि पत्थरों से भरे डंपर को भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यालय के सामने किस मंशा से खड़ा किया गया था। यह एक बड़ी सुरक्षा चूक का मामला भी है।’’
उन्होंने कहा कि क्या सरकार चाहती थी कि प्रदर्शन के दौरान इन पत्थरों का इस्तेमाल हो और इसके बाद बड़े स्तर पर कार्रवाई की जाए।
युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि इस मामले में उच्च न्यायालय में सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने कहा था कि यह डंपर प्रदर्शनकारियों से जुड़ा हुआ है, जबकि बाद में 28 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि यह डंपर एक सड़क दुर्घटना के बाद जब्त किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘ये दोनों बातें विरोधाभासी हैं।’’
चिब ने आरोप लगाया कि अब सरकार का पूरा खेल उजागर हो चुका है।
युवा कांग्रेस के अध्यक्ष ने इस मामले में स्वतंत्र एवं न्यायिक जांच कराने, डंपर की आवाजाही से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने तथा पूरे घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
चिब ने यह आरोप भी लगाया कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं और उनपर दबाव बनाया जा रहा है।
भाषा हक हक सुरेश
सुरेश