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अहमदाबाद: गुजरात सरकार ने सोमवार को कहा कि उसने तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर राज्यव्यापी प्रतिबंध 13 सितंबर से एक साल के लिए बढ़ा दिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त की एक अधिसूचना के अनुसार, जन-स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए 2012 से लागू प्रतिबंध 12 सितंबर, 2027 तक जारी रहेगा।
यह प्रतिबंध इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि ऐसे गुटखा या पान मसाले को किस नाम से बेचा जा रहा है। यह उन सभी सामग्रियों पर भी लागू होगा, जिन्हें अलग-अलग बेचा जाता है, लेकिन जिनका उद्देश्य मिलाकर गुटखा या पान मसाला तैयार करना है। सरकार ने ‘टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल’,‘टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च’ और ‘हैमर’ के अनुसंधान का हवाला देते हुए कहा कि गुटखा और पान मसाले का सेवन करने से कैंसर होता है और इससे मुंह के कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
सरकार ने यह भी बताया कि ‘ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे’ की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि देश में 35 प्रतिशत वयस्क तंबाकू का सेवन करते हैं, जिनमें से 21 प्रतिशत लोग बिना धुएं वाले तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं। सरकार ने कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जायेगी।