गुरुग्राम, सात मार्च (भाषा) गुरुग्राम में 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों को फर्जी सीबीएसई मान्यता दिखाकर ठगने के आरोप में एक स्कूल के चेयरमैन को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि यह मामला 17 फरवरी को तब सामने आया, जब 10वीं कक्षा के 11 छात्र प्रवेश पत्र न मिलने के कारण केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की गणित की परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
पुलिस के मुताबिक, सेक्टर 9बी स्थित ‘एडुक्रेस्ट इंटरनेशनल स्कूल’ के प्रबंधन के खिलाफ 18 फरवरी को सेक्टर 9ए थाने में मामला दर्ज किया गया था।
कक्षा 10वीं की एक छात्रा के अभिभावक ने शिकायत में स्कूल प्रबंधन पर उनकी बेटी के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्यूशन फीस सहित विभिन्न शुल्क नियमित रूप से लेने के बावजूद स्कूल ने एडमिट कार्ड जारी नहीं किया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रवेश के समय, स्कूल प्रबंधन ने सीबीएसई से मान्यता प्राप्त होने का दावा किया और मान्यता प्रमाण पत्र व संबद्धता संख्या प्रदर्शित की थी, इतना ही नहीं दी गई पंजीकरण संख्या भी गलत थी।
उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासकों की इस धोखाधड़ी के कारण छात्रा का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो गया और उसका भविष्य खतरे में पड़ गया।
अधिकारी ने बताया कि जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यालय ने स्कूल के प्रमाण पत्रों की जांच करते समय पाया कि नौवीं और 10वीं की कक्षाएं चलाने के लिए स्कूल के पास सीबीएसई से मान्यता नहीं थी।
पुलिस ने सेक्टर 9ए थाने में स्कूल के चेयरमैन विनय कटारिया, प्रधानाध्यापिका रिद्धिमा कटारिया, उप प्रधानाध्यापिका सिमर बत्रा, समन्वयक सोनिया और स्कूल के अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(दो) और तीन(पांच) के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस ने शुक्रवार को जांच के दौरान बिलासपुर क्षेत्र से सेक्टर नौ निवासी 38 वर्षीय विनय कटारिया को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि अन्य आरोपी अब भी फरार हैं।
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया, “आरोपी ने पूछताछ के दौरान खुलासा किया कि वह पिछले आठ साल से स्कूल चला रहा था, जिसे केवल आठवीं कक्षा तक सरकार से मान्यता प्राप्त थी।”
प्रवक्ता ने बताया कि उसने 25 विद्यार्थियों को दसवीं कक्षा की फर्जी मान्यता दिखाकर उन्हें नौवीं और दसवीं कक्षा में दाखिला दिलाया था।
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
भाषा जितेंद्र माधव
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