नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार के नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलने के प्रस्ताव पर केंद्र को समयबद्ध निर्णय लेने का निर्देश देने वाली याचिका पर विचार करने से मंगलवार को इनकार कर दिया।
महाराष्ट्र सरकार ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर ‘लोकनेता डी बी पाटिल नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा’ रखने का प्रस्ताव पेश किया था।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन ‘प्रकाशजोत सामाजिक संस्था’ के वकील से कहा, ‘‘यह नीति निर्माण में हस्तक्षेप करने के समान होगा।’’
पीठ ने कहा कि वह बंबई उच्च न्यायालय के नवंबर 2025 के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने की इच्छुक नहीं है, जिसमें याचिका खारिज कर दी गई थी।
पीठ ने याचिकाकर्ता को सक्षम प्राधिकार के समक्ष मामले को आगे बढ़ाने की स्वतंत्रता दी।
पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘क्या यह तय करना न्यायालय का काम है किसी हवाई अड्डे का नाम क्या होना चाहिए?’’
पीठ ने टिप्पणी की, “राज्य सरकार को इस मामले को आगे बढ़ाने दीजिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आपको कुछ अधिकार प्राप्त हैं और आप उनका इस्तेमाल कर सकते हैं। यह बात आप भली-भांति जानते हैं।”
भाषा वैभव पवनेश
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