साइबर ठगी का मास्टमाइंड देवरिया से गिरफ्तार, ‘एपीके’ फाइलों को जालसाज़ों को बेचता था

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साइबर ठगी का मास्टमाइंड देवरिया से गिरफ्तार, ‘एपीके’ फाइलों को जालसाज़ों को बेचता था

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  • Publish Date - May 19, 2026 / 03:59 PM IST,
    Updated On - May 19, 2026 / 03:59 PM IST

नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने ‘एपीके’ (एंड्राइड पैकेज किट) फाइल के माध्यम से फोन हैक कर लगभग सवा लाख रुपये की साइबर ठगी के कथित मास्टमाइंड को उत्तर प्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि आरोपी अभय साहनी (25) मोबाइल फोन हैक करने के लिए ‘एपीके’ फाइल बनाता था और उन्हें अलग अलग राज्यों के साइबर जालसाज़ों को बेचता था और इन्हें बनाने का तरीका उसने सोशल मीडिया से सीखा था।

उन्होंने बताया कि पिछले साल दिल्ली निवासी शिकायतकर्ता को अज्ञात व्यक्ति का फोन आया जिसने बिजली का बिल तत्काल नहीं भरने पर मीटर काटने की धमकी दी।

अधिकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता उसकी बातों में आ गया और जालसाज द्वारा ‘व्हाट्सऐप’ पर भेजी गई ‘एपीके’ फाइल को अपने फोन में डाउनलोड कर लिया जिससे पीड़ित का फोन हैक हो गया और ठग ने उनके खाते से डिजिटल माध्यम से 1.20 लाख रुपये से ज्यादा निकाल लिए।

मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि इस संबंध में साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया और टीम गठित कर जांच शुरू की गई।

उन्होंने बताया कि पिछले साल दिसंबर में गोरखपुर से 25 वर्षीय उमेश कुमार रजक नामक व्यक्ति को इस मामले में गिरफ्तार किया गया। वह साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाली एपीके फाइल उपलब्ध कराने में कथित रूप से संलिप्त था।

सिंह ने बताया कि इस मामले की आगे की जांच में कुछ सोशल मीडिया मंचों से ठगी के मास्टमाइंड के बारे में अहम सुराग हाथ लगे जिसके बाद तकनीकी निगरानी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर 14 मई को देवरिया से सहानी को गिरफ्तार कर लिया गया।

डीसीपी के मुताबिक, आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह ‘एपीके’ फाइल विकसित करने, संशोधित करने और उन्हें विभिन्न राज्यों में साइबर जालसाजों को लगभग चार-चार हजार रुपये में बेचने में सक्रिय रूप से शामिल था।

पुलिस ने एक बयान में बताया कि आठवीं कक्षा तक पढ़े आरोपी ने सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर वीडियो देखकर ‘एपीके’ फाइल बनाने का तरीका सीखा। वह इस तरह की ‘एपीके’ फाइल बनाता था कि फोन की एंटी वायरस प्रणाली उसे पकड़ नहीं पाती थी।

इसके अनुसार, पूछताछ के दौरान, आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने विभिन्न साइबर ठगों को लगभग 40-50 एपीके फाइलें बेची थीं और खुद भी इसी तरह से लगभग 20-25 लोगों के साथ ठगी करने में शामिल रहा है।

डीसीपी ने बताया कि उसके पास से पांच आईफोन समेत 11 मोबाइल फोन, 11 डेबिट कार्ड, विभिन्न ऑनलाइन भुगतान मंचों के कार्ड, क्रिप्टो वॉलेट, आठ सिम कार्ड और एक कार समेत अन्य चीज़ें बरामद की गई हैं।

उन्होंने बताया कि उसके व्यापक नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य संगठित साइबर धोखाधड़ी गिरोहों के साथ संबंधों को लेकर आगे की जांच की जा रही है।

भाषा नोमान नोमान शोभना

शोभना