चेन्नई, 19 मई (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने मंगलवार को जिला सचिवों समेत पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ एक बैठक में संवाद किया।
यह बैठक तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को समर्थन देने वाले बागी गुट द्वारा आम परिषद की बैठक बुलाने की मांग की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई।
पूर्व मंत्री बी. वी. रमण ने बताया कि लगभग दो घंटे चली इस बैठक में करीब 80 जिला सचिव शामिल हुए। उन्होंने बताया कि सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पलानीस्वामी के साथ मजबूती से खड़े हैं और पार्टी आने वाले दिनों में जीत हासिल करने की रणनीति बनाएगी।
रमण ने पत्रकारों से कहा, ‘‘बैठक में 80 से अधिक जिला सचिवों ने भाग लिया। कुछ सचिव समय पर पार्टी मुख्यालय नहीं पहुंच पाने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।’’
एक अन्य वरिष्ठ नेता वी.वी. राजन चेल्लप्पा ने कहा कि अन्नाद्रमुक ने पलानीस्वामी के नेतृत्व में अटूट समर्पण के साथ एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया है। चेल्लप्पा ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘हम अपने महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री के हाथ मजबूत करने के लिए अपना पूरा समर्थन और सहयोग देने के लिए दृढ़ संकल्पित रहेंगे।’’
इसी बीच, अन्नाद्रमुक प्रेसीडियम चेयरमैन तमिलमगन हुसैन ने भी पलानीस्वामी को अपना समर्थन दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी ने 18 मई को असंतुष्ट पार्टी विधायकों को सुलह का प्रस्ताव देते हुए उनसे एकजुट रहने की अपील की थी। इसके बाद उन्होंने पार्टी मुख्यालय में शीर्ष पार्टी पदाधिकारियों के विचार सुने।
उन्होंने पहले घोषणा की थी कि बैठक उनके ग्रीनवेज रोड स्थित आवास पर होगी। हालांकि, वह अपने समर्थकों के साथ पार्टी मुख्यालय पहुंचे।
अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता ने 13 मई को हुए विश्वास मत परीक्षण के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान करने वाले 12 विधायकों सहित 26 जिलों के सचिवों को बदल दिया था।
राज्य के पूर्व मंत्रियों सी. वी. षणमुगम, एस. पी. वेलुमणि और डॉ. सी. विजयभास्कर के नेतृत्व में अलग हुआ गुट आम परिषद की बैठक की तैयारी कर रहा है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार को पूर्ण समर्थन देना है। पलानीस्वामी ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है और बागी गुट के नेताओं को पार्टी पदों से हटा दिया है।
पलानीस्वामी का समर्थन करते हुए राज्य के पूर्व मंत्री आर बी उदयकुमार ने षणमुगम, वेलुमणि और विजयभास्कर की तिकड़ी पर टीवीके सरकार को मंत्री पद पाने के बदले समर्थन देने का आरोप लगाया और कहा, ‘‘मंत्री पद पार्टी नेतृत्व द्वारा हमारे प्रदर्शन के आधार पर दी गई एक मान्यता है। मैं इसे इसी तरह देखता हूं।’’
बैठक के बाद पलानीस्वामी ने पत्रकारों से बातचीत में पार्टी सदस्यों से भविष्य में पार्टी की जीत के लिए एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया।
उदयकुमार ने कहा, ‘‘चुनाव में जीत या हार स्वाभाविक है। हमने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में 47 सीट जीतीं। जनता ने अप्रत्याशित फैसला सुनाया और किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं दिया। हमारे नेता ने हमें एकजुट रहने और अन्नाद्रमुक के सत्ता में वापसी को लेकर आश्वस्त रहने का आग्रह किया।’’
वरिष्ठ नेता ओ एस मणियन ने कहा कि बैठक में विजयभास्कर के उस दावे पर चर्चा नहीं हुई जिसमें उन्होंने चुनाव में मिली हार पर चर्चा करने और ‘‘उचित निर्णय’’ लेने के लिए आम परिषद की बैठक बुलाने के संबंध में 1,000 पार्टी सदस्यों के हस्ताक्षर प्राप्त करने की बात कही थी। आगे की कार्ययोजना के बारे में पूछे जाने पर मणियन ने कहा, ‘‘इस पर हमारे महासचिव निर्णय लेंगे।’’
भाषा सुरभि पवनेश
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