नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) भारत में इजराइल के राजदूत रूवेन अजार ने बुधवार को कहा कि हमास नेताओं का पाकिस्तान और बांग्लादेश में संपर्क स्थापित करना सभी देशों के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।
अजार ने ‘पीटीआई वीडियो’ के साथ एक विशेष बातचीत में कहा, ‘‘हमारा मानना है कि हमें इसके खिलाफ लड़ना ही होगा। हमास का पाकिस्तान और बांग्लादेश में संपर्क स्थापित करना हम सभी के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।’’
राजदूत ने यह भी कहा कि भारत और इजराइल इन मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं।
अजार ने कहा, “हम इन मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि हम भविष्य में होने वाले किसी भी हमले से खुद को बचाने के तरीके खोज लेंगे।’’
उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर, 2023 को इजराइल में हमास द्वारा किए गए हमले ने दुनिया भर के विभिन्न आतंकवादी संगठनों को इसी तरह के कृत्य करने के लिए उकसाया है।
अजार ने जम्मू-कश्मीर में 2025 के पहलगाम आतंकी हमले जैसी घटनाओं से भी इसकी तुलना की, जहां लोगों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया था।
इजराइली राजदूत ने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से, हम देखते हैं कि सात अक्टूबर के आतंकी हमले ने दुनिया भर के विभिन्न आतंकी संगठनों को इसी तरह के अपराध करने के लिए उकसाया। हमने पहलगाम जैसी घटनाएं देखी हैं, जहां लोगों की उनके धर्म के आधार पर हत्या कर दी गई।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इजराइल यात्रा की संभावना पर, अजार ने पुष्टि की कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें न्योता दिया है।
उन्होंने कहा, ‘‘नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया है और हमें उम्मीद है कि वह जल्द ही इजराइल की यात्रा करेंगे।’’
गाजा की स्थिति के सवाल पर अजार ने कहा कि इजराइल इस क्षेत्र में दो साल से अधिक समय से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए शांति और कूटनीति के प्रयासों का स्वागत करता है।
भाषा शफीक सुभाष
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