शह मात The Big Debate: ‘मदरसों में हो गीता पाठ’, एक बयान..सौ बवाल, मदरसों में गीता पाठ की सलाह एडीजी ने क्यों दी?

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Politics on Quran-Geeta: 'मदरसों में हो गीता पाठ', एक बयान..सौ बवाल, मदरसों में गीता पाठ की सलाह एडीजी ने क्यों दी?

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  • Publish Date - January 28, 2026 / 11:40 PM IST,
    Updated On - January 28, 2026 / 11:40 PM IST

Politics on Quran-Geeta | Photo Credit: IBC24 Archive

HIGHLIGHTS
  • कुरान के साथ गीता पढ़ाने की सलाह से सियासी हलचल
  • कांग्रेस विरोध में, बीजेपी समर्थन में
  • 2013 में भी गीता पढ़ाने के आदेश पर राजनीति गरमाई थी

भोपाल: Politics on Quran-Geeta मध्य प्रदेश के सीनियर IPS अधिकारी हैं राजा बाबू सिंह, उन्होंने मदरसों में कुरान के साथ-साथ गीता पढ़ाने की नसीहत दी, तो सूबे में सियासी जंग छिड़ गई। कांग्रेस, विरोध के जरिए जहां संविधान का पाठ पढ़ा रही है, तो बीजेपी समर्थन में आवाज बुलंद कर रही है। आखिर ये पूरा मामला क्या है? और इस पर हंगामा क्यूं बरपा हुआ है?

MP News एमपी पुलिस के एडीजी राजा बाबू सिंह जिन्होंने गणतंत्र दिवस के मौके पर सीहोर के एक मदरसे में- कुरान के साथ गीता पढ़ाए जाने की सलाह दी और दावा किया कि-गीता से जीवन को सही दिशा मिलती है। देश का भविष्य आगे बढ़ता है। उनका ये बयान जैसे ही वायरल हुआ। एमपी में सियासी तपिश बढ़ गई।

और ADG राजा बाबू सिंह के कुरान के साथ गीता पढ़ाने के बयान से- सीहोर के मदरसा संचालक भी सहमत हैं। वो कह रहे हैं कि- पहले मैं गीता का अनुसरण करूंगा उसके बाद बच्चों को गीता के बारे में बताऊंगा.

मदरसा संचालक भले एडीजी के बयान से सहमत हों, लेकिन मदरसों में गीता पढ़ाने वाला बयान, कांग्रेस को रास नहीं आया। कांग्रेस ने तल्खी भरे लहजे में कहा- ADG राजा बाबू कानून व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय मदरसों की चिंता कर रहे हैं।

तो बीजेपी कह रही है कि- जब मदरसे में हिंदू बच्चों को बुलाकर उर्दू पढ़ाई जा सकती है, तो गीता पढ़ाने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। कुलमिलाकर एमपी के मदरसों में श्रीमद्भगवद्गीता पढ़ाए जाने को लेकर अक्सर सियासी बहसें होती रही हैं। 2013 में शिवराज सरकार के दौरान स्कूलों के साथ-साथ मदरसों में भी गीता पढ़ाए जाने का आदेश आया था और तब भी इसको लेकर सूबे की सियासत गरमाई थी, लेकिन सवाल ये कि- आखिर एडीजी ने मदरसे में गीता पढ़ाने की सलाह क्यों दी? सबसे बड़ा सवाल ये कि- मदरसों में गीता पढ़ाने की पीछे की वास्तविक मंशा क्या है?

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विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

एडीजी राजा बाबू सिंह ने मदरसों में कुरान के साथ गीता पढ़ाने की सलाह दी, जिससे विवाद शुरू हुआ।

मदरसा संचालक का क्या रुख है?

मदरसा संचालक ने एडीजी की बात का समर्थन किया और कहा कि वे बच्चों को गीता के बारे में बताएंगे।

कांग्रेस ने विरोध क्यों किया?

कांग्रेस का कहना है कि एडीजी को कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए, न कि धार्मिक शिक्षा पर।