उच्च न्यायालय ने आत्महत्या कर चुकी छात्रा के पति की दूसरी जमानत याचिका पर केरल सरकार से रुख बताने कहा

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उच्च न्यायालय ने आत्महत्या कर चुकी छात्रा के पति की दूसरी जमानत याचिका पर केरल सरकार से रुख बताने कहा

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  • Publish Date - January 13, 2022 / 07:45 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:01 PM IST

कोच्चि(केरल), 13 जनवरी (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने 21 वर्षीय कानून की छात्रा के आत्महत्या के मामले में उसके पति की दूसरी याचिका पर बृहस्पतिवार को राज्य सरकार को अपना रुख स्पष्ट करने का निर्देश दिया। छात्रा ने अपने ‘सुसाइड नोट’ आत्महत्या के लिए याचिकाकर्ता, उसके माता-पिता और एक पुलिस अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया था।

न्यायमूर्ति गोपीनाथ पी. ने सरकारी वकील को निर्देश प्राप्त करने के लिए कहा और इस मामले को अगली सुनवाई के लिए 22 जनवरी को सूचीबद्ध कर दिया।

उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने चार जनवरी को यह कहते हुए छात्रा के पति की याचिका खारिज कर दी थी कि उनके खिलाफ बहुत गंभीर आरोप हैं।

हालांकि, अदालत ने याचिकाकर्ता के माता-पिता को जमानत देते हुए कहा था कि उनके खिलाफ आरोप अस्पष्ट हैं और दहेज की मांग तक सीमित हैं।

पति ने दूसरी जमानत याचिका दायर कर दावा किया था कि कानून की छात्रा के आत्महत्या करने के लिए एक पुलिस अधिकारी जिम्मेदार हैं।

कानून की तृतीय वर्ष की छात्रा मोफिया परवीण ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया था कि अलुवा पूर्वी पुलिस थाने के प्रभारी ने उससे उस वक्त बदसूलकी की थी, जब वह दहेज उत्पीड़न और पति एवं सास-ससुर के खिलाफ घरेलू हिंसा की अपनी शिकायत के बारे में वहां अपने पिता के साथ बयान दर्ज कराने गई थी।

भाषा सुभाष अनूप

अनूप