नयी दिल्ली, दो जनवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने ट्रेडमार्क रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि वह ‘एक्टिवपुष्पा’ ब्रांड को फार्मास्युटिकल या औषधी के रूप में पंजीकृत वस्तुओं की श्रेणी से हटा दे, क्योंकि यह पहले से पंजीकृत ब्रांड चिह्न ‘हेमपुष्पा’ से भ्रामक रूप से मिलता-जुलता है।
न्यायमूर्ति तेजस कारिया दिल्ली स्थित आयुर्वेदिक दवा निर्माता राजवैद्य शीतल प्रसाद और उनके बेटों द्वारा ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया।
याचिका में दावा किया गया था कि वे ‘हेमपुष्पा’ चिह्न के पूर्व-पंजीकृत उपयोगकर्ता थे और एक अन्य चिह्न, ‘एक्टिवपुष्पा’ ने बेईमानी से इसे हथिया लिया था।
अदालत ने 24 दिसंबर को उसके समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों पर संज्ञान लेकर पारित आदेश में कहा कि ‘एक्टिवपुष्पा’ चिह्न याचिकाकर्ता के ‘हेम्पुष्पा’ चिह्न से भ्रामक रूप से मिलता-जुलता है, जो उसी श्रेणी के सामान के लिए उपयोग किया जाता है।
इसमें कहा गया है कि ‘एक्टिवपुष्पा’ चिह्न ‘बेईमानी से अपनाए जाने’ का दोषी है और इसका उपयोग पहले से पंजीकृत एवं इस्तेमाल किये जा रहे चिह्न ‘हेम्पुष्पा’ के उपयोग के संबंध में उपभोक्ताओं के मन में भ्रम या धोखा पैदा कर सकता है।
अदालत ने कहा, ‘‘इसलिए विवादित चिह्न (एक्टिवपुष्पा) को संशोधित किया जाना चाहिए और ट्रेडमार्क रजिस्टर से रद्द किया जाना चाहिए।’’
भाषा धीरज माधव
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