नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के ‘ग्रुप ए’ अधिकारियों के बहुप्रतीक्षित कैडर पुनरीक्षण को केंद्रीय गृह और कार्मिक मंत्रालयों से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही उच्चस्तरीय सरकारी समिति के समक्ष रखा जा सकता है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ये प्रस्ताव फिलहाल केंद्रीय वित्त मंत्रालय के तहत व्यय विभाग (डीओई) के पास हैं। अंतिम विचार-विमर्श और सिफारिशों के लिए इन्हें उच्च स्तरीय कैडर समीक्षा समिति के समक्ष रखा जाएगा, जिसकी अध्यक्षता आमतौर पर कैबिनेट सचिव करते हैं।
कैडर के पुनर्गठन से किसी संगठन के कर्मचारियों के करियर की संभावनाएं बेहतर होती हैं।
उच्चतम न्यायालय के मई 2025 के आदेश के बाद पांच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के ग्रुप ए कार्यकारी कैडर के अधिकारियों के कैडर की व्यापक समीक्षा और भर्ती नियमों में संशोधन जरूरी हो गया था। इन पांच बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) शामिल हैं।
अदालत ने यह निर्देश सीएपीएफ अधिकारियों की याचिकाओं पर दिया। इन अधिकारियों ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी थी, क्योंकि इन बलों में प्रतिनियुक्ति पर आने वाले भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों के कारण सीएपीएफ के अपने कैडर अधिकारियों की पदोन्नति में देरी हो रही थी।
केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत के फैसले के खिलाफ एक समीक्षा याचिका दायर की थी, जिसे अक्टूबर 2025 में खारिज कर दिया गया था। इसके बाद सरकार ने इस वर्ष अप्रैल में सीएपीएफ (सामान्य प्रशासन) अधिनियम लागू किया।
समीक्षा याचिका खारिज होने के बाद, केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने पांचों बल को अपने मौजूदा ग्रुप ए कैडर की “व्यापक और विस्तृत” समीक्षा करने तथा अदालत के आदेश को लागू करने के लिए प्रस्ताव मंत्रालय को भेजने का निर्देश दिया।
अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्रालय को मई और जुलाई के बीच पांचों बलों से प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिन्हें तय प्रक्रिया के तहत जुलाई और अगस्त के बीच कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को भेज दिया गया।
डीओपीटी ने प्रक्रिया का पालन करते हुए 17 अगस्त को अपनी टिप्पणियों और सिफारिशों के साथ इन समीक्षा प्रस्तावों को व्यय विभाग (डीओई) के पास भेज दिया।
अधिकारियों ने बताया कि व्यय विभाग की प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है, जिसके बाद अंतिम मंजूरी के लिए उच्च स्तरीय समिति के समक्ष रखा जाएगा, जिसकी अध्यक्षता आमतौर पर कैबिनेट सचिव करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस समीक्षा से करीब 13,000 कैडर अधिकारियों की बेहतर पदोन्नति अवसर और सेवा शर्तों की उम्मीद जुड़ी है।
भाषा सुमित पवनेश
पवनेश