शिमला, 19 मई (भाषा) हिमाचल प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से “मुख्यमंत्री महिला सशक्तीकरण योजना” शुरू करेगी। यह जानकारी मंगलवार को एक बयान में दी गई।
बयान में कहा गया है कि इस योजना के तहत, बजट घोषणा के अनुरूप महिलाओं को कृषि, बागवानी, सहायक गतिविधियों तथा अन्य स्वरोजगार उपक्रमों में व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
इसमें कहा गया है कि इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों की वे महिलाएं पात्र होंगी जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं है। उन्हें डेयरी पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई, बुटीक, ब्यूटी पार्लर तथा अन्य उद्यम स्थापित करने के लिए तीन लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा।
इसके अनुसार, यह ऋण हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार इन ऋणों पर देय चार प्रतिशत ब्याज वहन करेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है।
उन्होंने कहा, “महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और बदलती सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं तथा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।’’
उन्होंने कहा कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो पूरा परिवार आर्थिक रूप से मजबूत बनता है।
भाषा रंजन अविनाश
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