हिमंत मुसलमानों के खिलाफ ‘नरसंहार भड़का रहे’ हैं: गौरव गोगोई का आरोप

हिमंत मुसलमानों के खिलाफ ‘नरसंहार भड़का रहे’ हैं: गौरव गोगोई का आरोप

हिमंत मुसलमानों के खिलाफ ‘नरसंहार भड़का रहे’ हैं: गौरव गोगोई का आरोप
Modified Date: February 9, 2026 / 05:12 pm IST
Published Date: February 9, 2026 5:12 pm IST

गुवाहाटी, नौ फरवरी (भाषा) कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा पर अपने वीडियो के जरिये मुसलमानों के खिलाफ “नरसंहार भड़काने” का आरोप लगाया और पुलिस से इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने का आग्रह किया।

गोगोई का परोक्ष तौर पर इशारा उस वीडियो की ओर था, जिसे अब डिलीट कर दिया गया है। वीडियो भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की असम इकाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया था। इसमें शर्मा कथित तौर पर राइफल से निशाना साधते हुए और दो लोगों की तस्वीर पर गोली चलाते हुए दिख रहे थे, जिनमें से एक ने टोपी पहनी हुई थी और दूसरे ने दाढ़ी रखी हुई थी। कैप्शन में ‘पॉइंट-ब्लैंक शॉट’ लिखा था।

गोगोई ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘असम के मुख्यमंत्री अपने वीडियो के जरिए मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार भड़का रहे हैं…शर्मा द्वारा एक विशेष समुदाय को निशाना बनाकर इस तरह के घृणास्पद वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के मामले में पुलिस को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए।’’

गोगोई ने संवाददाता सम्मेलन के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘उन्होंने (शर्मा) एक वीडियो प्रसारित किया था जिसे बाद में डिलीट कर दिया, जिसमें साफ दिख रहा था कि वह कैसे मुसलमानों के नरसंहार को बढ़ावा दे रहे हैं।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि शर्मा ने एक अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ ‘‘नफरती भाषण’’ दिया और मामला अदालत में चला गया। गोगोई का परोक्ष तौर पर इशारा ‘मियां’ के खिलाफ मुख्यमंत्री के हालिया बयानों की ओर था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब तक वह सत्ता में हैं, समुदाय को ‘‘परेशानी’’ का सामना करना पड़ेगा।

‘मियां’ मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है। गैर-बांग्ला भाषी लोग इन लोगों को आमतौर पर बांग्लादेशी प्रवासी के रूप में पहचानते हैं।

कांग्रेस नेता गोगोई ने कहा, “मुख्यमंत्री लगातार यह दिखा रहे हैं कि वह इस पद के योग्य नहीं हैं। हाल के समय में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें उन्होंने अपराध किए हैं और जिनके लिए उन्हें इस पद से हटाया जाना चाहिए। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।”

संवाददाता सम्मेलन में गोगोई ने शर्मा पर आरोप लगाया कि जब वह कांग्रेस में थे, तब वे “धर्मनिरपेक्ष” होने का दिखावा कर रहे थे। शर्मा अगस्त 2015 में भाजपा में शामिल हुए थे।

गोगोई ने कहा, “मुख्यमंत्री अब हिंदुओं के बारे में बहुत बोलते हैं। अगर वह सच में उनके हिमायती हैं, तो उन्हें 24 घंटे के भीतर गाय सिंडिकेट को रोकना चाहिए।”

गोगोई ने यह बात असम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार पर कांग्रेस द्वारा विभिन्न अवैध सिंडिकेट चलाने के आरोप को दोहराते हुए कही।

कांग्रेस सांसद गोगोई की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री शर्मा के साथ जारी जुबानी जंग के बीच आई है। शर्मा आरोप लगा रहे हैं कि गोगोई और उनके परिवार के पाकिस्तान से संबंध हैं।

गोगोई ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उनके नाबालिग बच्चों को इस विवाद में घसीटे जाने के मामले में वह कानूनी विकल्पों पर भी विचार करेंगे।

कांग्रेस नेता गोगोई ने दावा किया कि उनकी पत्नी 2013 में कामकाज के सिलसिले में पाकिस्तान गई थीं और उस साल दिसंबर में वह उनके साथ 10 दिन की यात्रा पर पड़ोसी देश गए थे।

गोगोई ने कहा, “एसआईटी (विशेष जांच दल) ने मुझसे 2013 में पाकिस्तान की 10 दिन की यात्रा को लेकर कभी कोई सवाल नहीं किया। असम के मुख्यमंत्री ने एसआईटी रिपोर्ट को छह महीने तक दबाकर रखा, क्योंकि उसमें मेरे पाकिस्तान से संबंध होने के उनके आरोपों को साबित करने के लिए कुछ भी नहीं है।”

भाषा अमित रंजन

रंजन


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