नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) भारतीय वायु सेना के तेजस हल्के लड़ाकू विमान अगले सप्ताह से उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। दो महीने पहले हवाई अड्डे पर एक विमान से जुड़ी दुर्घटना के बाद पूरे बेड़े को उड़ान से रोक दिया गया था।
लड़ाकू विमानों के निर्माता हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) डी.के. सुनील ने बताया कि 34 तेजस विमानों का पूरा बेड़ा आठ अप्रैल से उड़ान भरने के लिए तैयार है, क्योंकि विमान के सॉफ्टवेयर में पाई गई खामी को दूर कर लिया गया है। उन्होंने बताया, ‘‘सभी तेजस लड़ाकू विमान अगले बुधवार से फिर से उड़ान भरने के लिए तैयार हैं।’’
फरवरी के पहले सप्ताह में एक तेजस विमान के रनवे से आगे निकल जाने के बाद इसके बेड़े को उड़ान से रोक दिया गया था। यह दुर्घटना एयरबेस पर हुई थी और संभवतः ब्रेक फेल होने के कारण हुई थी। इस घटना के बाद भारतीय वायु सेना ने विमानों की व्यापक जांच के आदेश भी दिए थे।
भारतीय वायु सेना को तेजस मार्क 1ए संस्करण की आपूर्ति में देरी के बारे में सुनील ने कहा कि एचएएल दिसंबर तक 20 से अधिक लड़ाकू विमान तैयार कर लेगी और उनमें से छह की आपूर्ति जल्द ही की जा सकती है क्योंकि रडार, एवियोनिक्स और मिसाइल-फायरिंग सिस्टम के अंतिम परीक्षण वर्तमान में जारी हैं।
लड़ाकू विमानों की आपूर्ति में देरी मुख्य रूप से जीई एयरोस्पेस द्वारा एफ-404 एयरो इंजनों की आपूर्ति के लिए कई समय सीमाओं को पूरा न कर पाने के कारण हो रही है।
वायु सेना द्वारा लड़ाकू विमानों के प्रदर्शन से संबंधित कुछ मुद्दों को उठाए जाने के बारे में पूछे जाने पर, एचएएल के सीएमडी ने कहा कि मई में एक परियोजना समीक्षा समिति द्वारा लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के लिए मंजूरी दिए जाने की संभावना है।
रक्षा क्षेत्र की प्रमुख अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस ने एचएएल को लड़ाकू विमानों के पांच इंजन सौंपे हैं और छठा इंजन अगले कुछ दिनों में आपूर्ति किए जाने की उम्मीद है।
यह भी पता चला है कि एचएएल ने तेजस हल्के लड़ाकू विमान मार्क 1ए के इंजनों की आपूर्ति में देरी के लिए जीई एविएशन पर एक प्रावधान के तहत जुर्माना लगाया है।
अनुबंध के अनुसार जीई एयरोस्पेस पर जुर्माना लगाया जा रहा है। फरवरी 2021 में, रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायु सेना के लिए 83 तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमान की खरीद के लिए एचएएल के साथ 48,000 करोड़ रुपये का समझौता किया था।
भाषा आशीष पवनेश
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