जयपुर, 13 जुलाई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए सोमवार को कहा कि किसी भी क्षेत्र में अपराध होने पर संबंधित पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) और जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) सीधे जिम्मेदार होंगे।
मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शर्मा ने कहा कि प्रदेश में किसी भी कीमत पर अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
उन्होंने निर्देश देते हुए कहा, ‘‘अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए कि अपराधियों में कानून का डर पैदा हो।’’
मुख्यमंत्री ने अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर में हाल की घटनाओं को लेकर संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों पर असंतोष व्यक्त किया और उनसे जवाब-तलब किया।
उन्होंने कहा कि संगठित अपराध, साइबर अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे अपराध तंत्र को ध्वस्त किया जाना चाहिए।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि उदयपुर जिले के गोगुंदा में चारागाह भूमि पर अतिक्रमण के एक मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अवैध हथियारों की तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि यही संगठित अपराध की ‘‘रीढ़’’ है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जिन जिलों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे, जबकि सभी रेंज आईजी और जिला पुलिस अधीक्षक ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।
भाषा बाकोलिया खारी
खारी