बिदादी टाउनशिप के लिए सर्वे के दौरान मची अफरातफरी, महिलाओं ने अधिकारियों को झाड़ू लेकर खदेड़ा

Ads

बिदादी टाउनशिप के लिए सर्वे के दौरान मची अफरातफरी, महिलाओं ने अधिकारियों को झाड़ू लेकर खदेड़ा

  •  
  • Publish Date - July 13, 2026 / 10:56 PM IST,
    Updated On - July 13, 2026 / 10:56 PM IST

रामनगर (कर्नाटक), 13 जुलाई (भाषा) सोमवार को रामनगर जिले के बिदादी में एआई-आधारित एकीकृत टाउनशिप के लिए जमीन का सर्वे करने आए सरकारी अधिकारियों और उनके साथ आए पुलिसकर्मियों के एक समूह को महिलाओं ने झाड़ू लेकर गांव में घुसने से रोका और खदेड़ दिया।

सरकार के बेंगलुरु के पास परियोजना को पूरा करने पर जोर देने के बाद, अधिकारी सर्वे करने के लिए उस जगह पर पहुंचे थे।

हालांकि, उन्हें जमीनी हालात की जानकारी नहीं थी, जहां सरकार के फैसले के खिलाफ आक्रोश पनप रहा था।

जब वे बायरामंगला भूमि अधिग्रहण क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मंडगहल्ली गांव पहुंचे, तो स्थानीय किसानों ने अधिकारियों के दौरे का कड़ा विरोध किया।

किसानों का एक बड़ा समूह, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, गांव की सड़कों पर आवागमन बाधित करने और अधिकारियों को अंदर आने से रोकने के लिए इकट्ठा हुआ।

जब अधिकारियों ने पुलिस सुरक्षा में अंदर आने की कोशिश की, तो महिलाओं ने झाड़ू लेकर उनका सामना किया, जिससे अफरा-तफरी और तनावपूर्ण माहौल के बीच उन्हें पीछे हटना पड़ा।

इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए।

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरे से पहले पुलिस ने हालात सामान्य करने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों से बातचीत की कई कोशिशें कीं, लेकिन सुलह की सारी कोशिशें नाकाम रहीं।

ग्रामीणों ने सड़कें जाम रखीं और ज़ोरदार विरोध-प्रदर्शन करते हुए नारे लगाए कि वे किसी भी हाल में अधिकारियों को अपने गांव में नहीं घुसने देंगे।

कड़े विरोध के कारण अधिकारियों को पीछे हटना पड़ा।

केंद्रीय इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने राज्य सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की।

एक वीडियो बयान में उन्होंने दावा किया कि बिदादी के किसान प्रस्तावित टाउनशिप के खिलाफ पिछले 500 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

पत्रकारों से बात करते हुए रामनगर के पुलिस अधीक्षक आर. श्रीनिवास गौड़ा ने कहा, “हमने उन स्थानीय किसानों और कुछ बाहरी लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की है जिन्होंने सर्वे को रोका था। हमने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।”

भाषा प्रशांत वैभव

वैभव