आईआईटी रोपड़ ने शीत श्रृंखला की निगरानी के लिये तापमान का आंकड़ा रखने वाला उपकरण बनाया

आईआईटी रोपड़ ने शीत श्रृंखला की निगरानी के लिये तापमान का आंकड़ा रखने वाला उपकरण बनाया

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  • Publish Date - May 31, 2021 / 01:27 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:10 PM IST

चंडीगढ़, 31 मई (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-रोपड़ ने एक उपकरण विकसित किया है जो टीकों, शरीर के अंगों और रक्त के परिवहन के दौरान परिवेशी तापमान को दर्ज करता है।

आईआईटी रोपड़ द्वारा सोमवार को जारी एक बयान के मुताबिक, ‘एंबीटैग’ यूएसबी की आकृति की तरह का एक उपकरण है जो एक बार चार्ज किये जाने पर 90 दिनों तक किसी भी टाइम-जोन में अपने आसपास के शून्य से 40 डिग्री सेल्सियस नीचे से लेकर 80 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान को लगातार दर्ज करता रहता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध ऐसे ही अधिकतर उपकरण महज 30-60 दिनों तक के आंकड़े ही दर्ज करते हैं।

बयान के मुताबिक भारत द्वारा सिंगापुर, हांगकांग, आयरलैंड और चीन जैसे देशों से बड़ी मात्रा में ऐसे उपकरणों का आयात किया जा रहा है।

यह उपकरण देश में कोविड-19 टीकों को उत्पादन केंद्र से टीकाकरण तक पहुंचाने के लिये परिवहन में लगी सभी कंपनियों को 400 रुपये प्रति उपकरण की लागत कीमत पर मुहैया कराया जाएगा।

एडब्ल्यूएडीएच में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) सिस्टम डोमेन के समन्वयक सुमन कुमार ने कहा, “आईएसओ 13485 प्रमाणित एंबीटैग का दाम 1000 रुपये से नीचे रखा गया है जिससे यह विभिन्न क्षेत्रों में इसका व्यापक इस्तेमाल सुनिश्चित हो सके। तापमान जब पूर्व निर्धारित सीमा से परे होता है यह सतर्क करता है। यूएसबी को किसी कंप्यूटर से जोड़कर उपभोक्ता निर्धारित किये गए प्रारूप में आंकड़े हासिल कर सकता है।”

उन्होंने कहा कि यह उपकरण इस बात का भी परामर्श देता है कि क्या परिवहन की गई वस्तु इस्तेमाल योग्य है या परिवहन के दौरान शीत श्रृंखला कायम नहीं रह पाई। यह जानकारी विशेष रूप से टीकों, मानव अंगों तथा रक्त परिवहन के लिये महत्वपूर्ण है।

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश