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नयी दिल्ली, 20 जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अवैध प्रवासन को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताते हुए मंगलवार को कहा कि ऐसे लोगों की पहचान करके उन्हें उनके संबंधित देशों में वापस भेजा जाना चाहिए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय में नितिन नवीन (45) को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किए जाने के बाद एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने शहरी नक्सलियों और जनसंख्या असंतुलन को भी देश के सामने महत्वपूर्ण चुनौतियों के रूप में बताया।
मोदी ने कहा कि कुछ अमीर और ताकतवर देश, जो खुद को दुनिया का मालिक समझते हैं, अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें देश से निकाल रहे हैं, और कोई उनके काम पर सवाल नहीं उठा रहा।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘ये देश लोकतंत्र का झंडा लहराते हैं और खुद को दुनिया का मालिक समझते हैं। दुनिया भर में कोई भी अवैध प्रवासियों को स्वीकार नहीं करता। यह आवश्यक है कि उनकी पहचान की जाए और उन्हें उनके देशों में वापस भेजा जाए।’
मोदी ने कहा, ‘भारत कभी भी अवैध प्रवासियों को अपने लोगों और गरीबों से संबंधित सेवाओं को लूटने की अनुमति नहीं देगा।’
प्रधानमंत्री ने कुछ राजनीतिक दलों पर वोट बैंक की राजनीति के हित में अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने और उन्हें पनाह देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘हमें उनका पर्दाफाश करना होगा और उन्हें जनता के सामने बेनकाब करना होगा।’
मोदी ने कहा, ‘एक और बड़ी चुनौती शहरी नक्सलियों की है जो वैश्विक स्तर पर अपना प्रभाव बढ़ा रहे हैं।’
मोदी ने दावा किया कि जो लोग उनके या सरकार के बारे में, भले ही कभी-कभार ही सही, सकारात्मक बोलते हैं, उन्हें निशाना बनाया जाता है और चुप करा दिया जाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘अगर वे साल में एक या दो बार भी मोदी के बारे में कुछ सकारात्मक ट्वीट करते हैं, या टीवी पर कुछ सकारात्मक कहते हैं, या अखबार में कुछ सकारात्मक लिखते हैं, तो कुछ पत्रकार उन्हें इतना निशाना बनाते हैं कि उनका पीछा किया जाता है और उन्हें अछूत बना दिया जाता है…यही शहरी नक्सलियों का तरीका है।’
मोदी ने कहा कि वर्षों तक भाजपा को अलग-थलग रखा गया और उसे अछूत समझा गया। उन्होंने दावा किया कि अब देश इन हथकंडों को पहचान रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘शहरी नक्सली लगातार भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। हमें अपने संगठन और विचारधारा की ताकत से इस गठजोड़ को हराना होगा।’
भाषा आशीष माधव
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