चेन्नई, एक जुलाई (भाषा) तमिलनाडु के मंत्री एवं टीवीके नेता आर. निर्मल कुमार ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेतृत्व पर उनकी पार्टी के विधायकों को लुभाने के लिए खरीद-फरोख्त के प्रयास का आरोप लगाया और कहा कि इस संबंध में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
कुमार ने कहा कि तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के एक विधायक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर नरेश नामक एक व्यक्ति समेत तीन लोगों को ‘‘खरीद-फरोख्त’’ के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि नरेश को ‘‘द्रमुक नेता वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक’’ का ‘‘करीबी’’ बताया जाता है।
ऊर्जा संसाधन मंत्री कुमार ने पत्रकारों से कहा कि पिछले लगभग 40 दिनों से उनकी पार्टी यह कह रही है कि द्रमुक और अन्नाद्रमुक के शीर्ष नेता क्रमश: एम. के. स्टालिन और एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ‘‘अनुचित तरीके’’ से सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
मंत्री ने दावा किया कि स्टालिन और उदयनिधि समेत द्रमुक नेताओं के इशारे पर सेंथिल बालाजी जैसे लोगों ने टीवीके के कई विधायकों से संपर्क किया और उन्हें 10 करोड़ से 50 करोड़ रुपये तक की पेशकश की है।
इस बीच, शहर पुलिस ने कहा कि एक राजनीतिक सर्वेक्षण संगठन का प्रमुख होने का दावा करने वाला एक व्यक्ति उन तीन लोगों में शामिल है जिन्हें कृष्णगिरि जिले की उथंगराई विधानसभा क्षेत्र से टीवीके विधायक एन. इलैयाराजा से संपर्क करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने दावा किया कि विधायक को विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव के संबंध में उनके ‘‘सहयोग’’ के बदले 35 करोड़ रुपये का प्रलोभन दिया गया था।
एक पुलिस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘इस प्रस्ताव से हैरान विधायक ने सख्ती से इसे अस्वीकार कर दिया और कहा कि उनकी इसमें कोई रुचि नहीं है तथा उन्होंने (आरोपी) थिरुनावुक्कारसु को दोबारा संपर्क न करने के लिए कहा। थिरुनावुक्कारसु ने कथित तौर पर धमकी दी कि यदि इस बातचीत का खुलासा किया गया तो विधायक और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।’’
विज्ञप्ति में कहा गया है कि विधायक की शिकायत के बाद, शहर पुलिस ने मामला दर्ज किया और इस मामले में कथित संलिप्तता के लिए थिरुनावुक्कारसु, नरेश और त्यागराजन को गिरफ्तार कर लिया।
इसमें कहा गया है, ‘‘जांच में यह सामने आया कि द्रमुक के पूर्व मंत्री और वर्तमान में कोयंबटूर दक्षिण के विधायक वी. सेंथिल बालाजी के छोटे भाई वी. अशोक कुमार ने चेन्नई में आरोपी नरेश से मुलाकात की थी। जांच में यह सामने आया कि थिरुनावुक्कारसु ने विधायक से संपर्क किया और सेंथिल बालाजी तथा अशोक कुमार के निर्देशों पर इन कृत्यों को कथित तौर पर अंजाम दिया गया।’’
भाषा देवेंद्र अविनाश
अविनाश