नयी दिल्ली, 19 मई (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने मंगलवार को उन खबरों पर स्वतः संज्ञान लिया, जिनमें आरोप लगाया गया था कि उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में ससुराल वालों द्वारा दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने के बाद विवाहिता ने आत्महत्या कर ली।
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में स्थित ससुराल में विवाहिता दीपिका नागर (24) की रविवार को तीन मंजिला इमारत की छत से कथित तौर पर गिरने से मौत हो गई थी। हालांकि, नागर के परिजनों ने दावा किया कि यह न तो आत्महत्या है और नही दुर्घटना। उन्होंने आरोप लगाया कि दहेज की मांग को लेकर ससुराल वालों ने दीपिका की हत्या की है।
आयोग ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, महिला ने दहेज की लगातार मांगों और शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर अपनी ससुराल में घर की छत से कथित तौर पर कूद कर आत्महत्या कर ली ।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आयोग ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में दहेज उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के कारण एक विवाहिता की कथित आत्महत्या से संबंधित अत्यंत गंभीर मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लिया है।’’
आयोग की अध्यक्ष विजया रहटकर ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर मामले में तत्काल, निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई करने के लिये कहा है।
आयोग ने इसके साथ ही सात दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) मांगी है।
आयोग ने पीड़िता के परिवार को प्रदान की जा रही कानूनी सहायता, सुरक्षा, परामर्श और मुआवजे से संबंधित जानकारी भी मांगी है। साथ ही, दहेज उत्पीड़न और विवाहित महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए उठाए जा रहे निवारक और सुधारात्मक कदमों का विवरण भी तलब किया है।
आयोग ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भाषा रंजन पवनेश
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